दिल्ली से मेरठ-पानीपत-करनाल के लिए नमो भारत ट्रेन, 2031 से चलेगी; 242 फेरे लगाने की योजना
Yuva Haryana: दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के यात्रियों के लिए नमो भारत ट्रेन नेटवर्क के विस्तार की योजना सामने आई है। प्रस्तावित योजना के तहत दिल्ली से मेरठ, पानीपत और करनाल के बीच तेज रफ्तार ट्रेन सेवा विकसित की जाएगी। इससे दिल्ली, गाजियाबाद, सोनीपत, पानीपत और करनाल जैसे शहरों के बीच सफर आसान होने की उम्मीद है। अखबार में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, इस कॉरिडोर पर वर्ष 2031 से ट्रेन चलाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना में रोजाना कुल 242 फेरे लगाने का प्रस्ताव है।
इस परियोजना का उद्देश्य सड़क मार्ग पर बढ़ते यातायात के दबाव को कम करना और प्रमुख शहरों के बीच तेज, सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। हालांकि, ट्रेन संचालन की अंतिम समय-सारणी और परियोजना के चरणों की पुष्टि संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक घोषणाओं से होगी।
160 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगी ट्रेन की रफ्तार
प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर पर ट्रेन की अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा रखे जाने की योजना है। इससे दिल्ली और हरियाणा के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा समय घट सकता है। दिल्ली से करनाल तक का सफर लगभग 90 मिनट में पूरा हो सकेगा। फिलहाल सड़क मार्ग से यह दूरी तय करने में यातायात की स्थिति के अनुसार करीब तीन घंटे तक लग सकते हैं।
तेज रफ्तार ट्रेन से रोजाना दिल्ली आने-जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों और कारोबारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों और शहरों के बीच संपर्क को भी बढ़ावा मिल सकता है।
दिल्ली से करनाल तक 81 किलोमीटर से ज्यादा लंबा कॉरिडोर
दिल्ली से करनाल तक प्रस्तावित कॉरिडोर की लंबाई लगभग 81 किलोमीटर से अधिक बताई गई है। इसमें दिल्ली से मेरठ और आगे हरियाणा के प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली क्षेत्रीय रेल कनेक्टिविटी को ध्यान में रखा गया है। परियोजना के तहत स्टेशनों, ट्रैक, सिग्नलिंग और अन्य तकनीकी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
इस तरह की परियोजनाओं में निर्माण, जमीन, तकनीकी मंजूरी और वित्तीय स्वीकृति जैसे चरण पूरे होने के बाद ही संचालन की तारीख तय होती है।
242 फेरे और 6 कोच वाली ट्रेन
प्रस्तावित योजना के मुताबिक, ट्रेन में छह कोच होंगे और प्रतिदिन 242 फेरे लगाने की योजना है। अधिक संख्या में फेरों का उद्देश्य यात्रियों को नियमित अंतराल पर ट्रेन उपलब्ध कराना है, ताकि सुबह और शाम के व्यस्त समय में भीड़ का प्रबंधन किया जा सके।
ट्रेन की वास्तविक आवृत्ति, स्टेशनों पर ठहराव, किराया और दैनिक संचालन का समय विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और संचालन योजना के आधार पर तय होगा। फिलहाल इन सभी विवरणों को अंतिम मानने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।
मेट्रो और बस अड्डों से भी जुड़ेगा नेटवर्क
योजना में दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है। इससे यात्रियों को एक सेवा से दूसरी सेवा में जाने में सुविधा मिल सकती है। हरियाणा के प्रमुख शहरों में स्टेशन विकसित होने से आसपास के इलाकों के यात्रियों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
क्षेत्रीय रेल नेटवर्क का मेट्रो, बस और अन्य परिवहन साधनों के साथ बेहतर तालमेल यात्रियों के कुल यात्रा समय को कम कर सकता है। इसके लिए स्टेशन परिसर, पैदल पहुंच, पार्किंग और फीडर सेवाओं जैसी सुविधाओं का विकास भी अहम होगा।
2031 का लक्ष्य, आगे की आधिकारिक मंजूरी अहम
दिल्ली से मेरठ-पानीपत-करनाल तक नमो भारत नेटवर्क का विस्तार हरियाणा के परिवहन ढांचे के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इससे सड़क पर निजी वाहनों और बसों पर निर्भरता घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, परियोजना की समय-सीमा निर्माण कार्य और आवश्यक मंजूरियों पर निर्भर करेगी।
यात्रियों को सलाह है कि वे रूट, स्टेशनों, किराये और संचालन की तारीख के बारे में अंतिम जानकारी के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) और संबंधित सरकारी विभागों की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखें।

