Yuva Haryana : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला के सुनियोजित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकास को तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने बुधवार को चंडीगढ़ में पंचकूला के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में पेयजल, ट्रैफिक, सड़क, बाजार, आवास, हरित क्षेत्र, खेल सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

नागरिकों के लिए क्या-क्या बदलेगा?
- शहर में पानी की सप्लाई बढ़ेगी
पंचकूला में भाखड़ा से मिलने वाले पानी की क्षमता 100 MLD (मिलियन लीटर प्रतिदिन) बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा। कालका की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के प्रयास भी किए जाएंगे।
- खड़क मंगोली में 7,500 फ्लैट
खड़क मंगोली के लोगों के लिए 7,500 फ्लैटों के निर्माण और उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
- कालका में भी पानी और सुविधाओं पर जोर
कालका में पांच ट्यूबवेल लगाए जा रहे हैं। इनमें से दो बन चुके हैं। साथ ही कालका में बहुमंजिला लाइब्रेरी के निर्माण की टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी करने की बात कही गई है।
- मनसा देवी के आसपास बनेगा कॉरिडोर
मनसा देवी मंदिर के आसपास एक विशेष कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इससे धार्मिक पर्यटन और क्षेत्र की सुविधाओं को बेहतर करने की योजना है।
- साकेतड़ी में 117 एकड़ जमीन का विकास
साकेतड़ी के पास 117 एकड़ भूमि पर गोल्फ क्लब, बॉटनिकल पार्क और ग्रीन बेल्ट विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
- ट्रैफिक जाम से राहत के लिए मजरी चौक का पुनर्विकास
मजरी चौक को नए सिरे से डिजाइन करने और वहां अंडरपास बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य वर्तमान और भविष्य के ट्रैफिक दबाव को कम करना है।
- रेहड़ी बाजारों को मिलेगा नया स्वरूप
सेक्टर 7, 11 और 17 के रेहड़ी बाजारों को चंडीगढ़ के पालिका बाजार की तर्ज पर विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
- 5,470 कैमरों से निगरानी
शहर की प्रमुख सड़कों पर 5,470 CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इनकी निगरानी और विश्लेषण के लिए डायल-112 पुलिस भवन में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा। कैमरों के जरिए वाहनों के ऑनलाइन चालान की सुविधा भी संभव होगी।
- कालका-पिंजौर में भी CCTV नेटवर्क
पंचकूला के साथ कालका और पिंजौर में CCTV समेत अन्य डिजिटल सुविधाओं के लिए ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इसके लिए छह-लाइन विशेष ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का प्रस्ताव है।
- बारिश के पानी और जल संरक्षण पर जोर
मोरनी क्षेत्र में बारिश के पानी को संग्रहित करने के लिए डैम बनाने की योजना पर काम किया जाएगा। कौशल्या बांध की क्षमता बढ़ाने का काम भी जारी है।
सीवेज और जल निकासी व्यवस्था होगी मजबूत
पंचकूला में तीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाए जा रहे हैं। इनमें दो की क्षमता 6-6 MLD और एक की क्षमता 10 MLD होगी।
इसके अलावा सेक्टर 20/21 से बेल फैक्ट्री-पारशुराम चौक तक स्टॉर्म वाटर ड्रेन को मजबूत किया जा रहा है। टाउन पार्क से सिंह नाला चौ को भी कंक्रीट किया जा रहा है। इससे बारिश के दौरान जल निकासी व्यवस्था को बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सड़क और औद्योगिक क्षेत्र के काम
औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 और फेज-2 में सड़क मरम्मत का काम 16.80 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। सर्विस रोड की मरम्मत के लिए भी अनुमान तैयार किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सर्विस रोड के किनारे घास कटाई और सफाई नियमित रूप से कराने के निर्देश दिए।
खेल सुविधाओं में भी विस्तार
9.5 एकड़ में बन रहे शूटिंग रेंज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण तेजी से चल रहा है। यहां 10 मीटर, 20 मीटर और 50 मीटर की प्रतियोगिताओं के लिए आधुनिक शूटिंग रेंज बनाए जाएंगे। बाद में यहां खिलाड़ियों के लिए हॉस्टल भी बनाया जाएगा।
पार्क और शहर का सौंदर्यीकरण
अटल पार्क का निर्माण नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। लीजर वैली पार्क के लिए भी अनुमान तैयार किया गया है। शहर के चौराहों के सौंदर्यीकरण का काम जारी है।
अतिक्रमण हटाने पर भी सख्ती
शहरी स्थानीय निकाय, HSVP, PMDA और HSIIDC समेत सभी विभागों को अपनी जमीन की पहचान कर उसे अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए भी व्यवस्था करने को कहा गया है।
नागरिक शिकायतों में 88% से अधिक का निपटारा
बैठक में बताया गया कि नागरिकों से अब तक 183 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 162 का समाधान किया जा चुका है। यानी करीब 88.5 प्रतिशत शिकायतों का निपटारा हो चुका है।
पंचकूला की विकास योजना में तत्काल नागरिक सुविधाओं के साथ-साथ पानी, ट्रैफिक, सीवेज, डिजिटल निगरानी, आवास और हरित क्षेत्रों जैसी दीर्घकालीन जरूरतों को शामिल किया गया है। इनमें से कई घोषणाएं अभी प्रस्ताव, योजना या निर्माणाधीन कार्य के चरण में हैं, इसलिए इनके वास्तविक लाभ कार्य पूरा होने के बाद ही सामने आएंगे।

