सड़क हादसे में देवेंद्र की पेल्विक हड्डियां चकनाचूर हुईं, प्रणव की रीढ़ की हड्डी टूटी; दोनों ने डिस्कस थ्रो में जीता गोल्ड
Yuva Haryana: एशियन पैरा गेम्स में हरियाणा के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम रोशन किया है। प्रतियोगिता में हरियाणा के खिलाड़ियों ने एक दिन में दो स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य सहित कुल सात पदक जीते। सबसे खास उपलब्धि चरखी दादरी के देवेंद्र कुमार और फरीदाबाद के प्रणव सुमन की रही, जिन्होंने डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक हासिल किया। दोनों खिलाड़ियों ने गंभीर शारीरिक चोटों और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद हार नहीं मानी और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
भारत ने प्रतियोगिता के दूसरे दिन 24 पदक जीते। इसके साथ भारतीय दल के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई, जिसमें नौ स्वर्ण, 11 रजत और 15 कांस्य पदक शामिल हैं। पदक तालिका में भारत छठे स्थान पर रहा।
देवेंद्र कुमार ने दूसरी बार जीता गोल्ड

चरखी दादरी के देवेंद्र कुमार की सफलता संघर्ष और दृढ़ इच्छाशक्ति की मिसाल है। 21 वर्षीय देवेंद्र सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे में उनकी पेल्विक हड्डियां बुरी तरह टूट गई थीं। उन्हें कई सर्जरी से गुजरना पड़ा और शरीर में स्टील की रॉड तथा कृत्रिम अंग की मदद लेनी पड़ी।
इतनी गंभीर चोटों के बाद भी देवेंद्र ने खेल से दूरी नहीं बनाई। उन्होंने लगातार अभ्यास किया और अपनी फिटनेस तथा तकनीक पर मेहनत जारी रखी। डिस्कस थ्रो में उन्होंने 49.71 मीटर का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता।
देवेंद्र के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीतकर अपनी क्षमता साबित की। उनकी कहानी बताती है कि मुश्किल परिस्थितियां किसी खिलाड़ी के सपनों को खत्म नहीं कर सकतीं, यदि उसके भीतर आगे बढ़ने का जज्बा हो।
प्रणव सूरमा ने रीढ़ की चोट के बाद हासिल की बड़ी सफलता

फरीदाबाद के प्रणव सूरमा की कहानी भी प्रेरणादायक है। 16 साल की उम्र में उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। इस गंभीर चोट के कारण वह बिना सहारे बैठ भी नहीं पाते थे। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और खेल में वापसी की।
प्रणव ने डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी मेहनत का शानदार परिणाम हासिल किया। रिपोर्ट में बताया गया है कि उन्होंने 2026 के नागोया मुकाबलों से पहले खुद को चुनौती दी थी कि वह एक बार फिर गोल्ड जीतकर दिखाएंगे।
उनकी यह उपलब्धि केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है, जो गंभीर चोटों के बाद अपने खेल करियर को दोबारा शुरू करना चाहते हैं।
हरियाणा के अन्य खिलाड़ियों ने भी जीते पदक
हरियाणा के खिलाड़ियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में पदक जीतकर राज्य की पदक तालिका को मजबूत किया। अखबार में प्रकाशित सूची के अनुसार, खिलाड़ियों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
- देवेंद्र कुमार, चरखी दादरी: डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक।
- प्रणव सूरमा, फरीदाबाद: डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक।
- मनीष नरवाल, फरीदाबाद: 10 मीटर एयर पिस्टल में रजत पदक।
- अशोक मलिक, सोनीपत: पैरा पावरलिफ्टिंग के 65 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक।
- राम रतन सिंह, सोनीपत: डिस्कस थ्रो में रजत पदक।
- हिमांशु नांदल, रोहतक: 400 मीटर फ्रीस्टाइल तैराकी में कांस्य पदक।
- प्रदीप कुमार, हिसार: डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक।
इन सात खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने हरियाणा की खेल प्रतिभा को एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
भारत की पदक तालिका भी हुई मजबूत
एशियन पैरा गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। दूसरे दिन मिले 24 पदकों के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या 35 तक पहुंच गई। इनमें नौ स्वर्ण, 11 रजत और 15 कांस्य पदक शामिल हैं।
हरियाणा के खिलाड़ियों की सात पदकों वाली उपलब्धि भारतीय दल के लिए महत्वपूर्ण रही। देवेंद्र और प्रणव की सफलता ने विशेष रूप से यह संदेश दिया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर अभ्यास से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
प्रदेश के खेल प्रेमियों के लिए इन खिलाड़ियों की जीत गर्व का विषय है। अब उम्मीद है कि भारतीय खिलाड़ी आगामी स्पर्धाओं में भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखेंगे।

