कुलदीप बिश्नोई समर्थकों से दोबारा जुड़ने में जुटे, धर्मबीर सिंह के बेटे मोहित चौधरी ने शुरू किया प्रदेशव्यापी अभियान; राव इंद्रजीत सिंह भी बढ़ा रहे सक्रियता
Yuva Haryana:हरियाणा में नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने के साथ ही पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं और उनके परिवारों की राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। कुलदीप बिश्नोई का समर्थकों से दोबारा संपर्क बढ़ाना, सांसद धर्मबीर सिंह के बेटे मोहित चौधरी का प्रदेशव्यापी अभियान शुरू करना और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रियता ने राज्य भाजपा की अंदरूनी राजनीति को चर्चा में ला दिया है। इन गतिविधियों को नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और अपने-अपने समर्थक आधार को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
कुलदीप बिश्नोई ने समर्थकों से बढ़ाया संपर्क
पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई ने अपने समर्थकों के साथ दोबारा संपर्क स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कई बैठकें की हैं और अपने समर्थकों से संवाद शुरू किया है। उनकी इस सक्रियता को हरियाणा की राजनीति में अपने प्रभाव को फिर से मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
कुलदीप बिश्नोई लंबे समय से हिसार और आसपास के क्षेत्रों की राजनीति में प्रभाव रखते हैं। ऐसे में समर्थकों के साथ सीधा संपर्क उनकी राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा हो सकता है। पार्टी के भीतर उनकी आगे की भूमिका क्या होगी, यह आने वाले समय में उनकी गतिविधियों और नेतृत्व के साथ तालमेल पर निर्भर करेगा।
मोहित चौधरी ने शुरू किया प्रदेशव्यापी अभियान
भिवानी-महेंद्रगढ़ से सांसद धर्मबीर सिंह के बेटे मोहित चौधरी ने भारत धर्म सेना के युवा विंग के माध्यम से प्रदेशव्यापी अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य राज्य के हर जिले तक पहुंच बनाना बताया गया है। मोहित चौधरी को संगठन के युवा विंग का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
हिसार से शुरू किए गए इस अभियान को सामाजिक पहल के रूप में पेश किया गया है। इसके तहत नशे की समस्या, महिलाओं की शिक्षा, दहेज प्रथा, स्वच्छता और जन शिकायतों जैसे मुद्दों पर काम करने की बात कही गई है। संगठन सामाजिक मूल्यों, भाईचारे और जनहित से जुड़े विषयों को भी प्रमुखता देना चाहता है।
मोहित चौधरी के अनुसार, संगठन लोगों को पानी, बिजली और सिंचाई जैसी बुनियादी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में मदद करेगा। किसानों और समाज के अन्य वर्गों से जुड़े मुद्दों को भी अभियान में शामिल किया जाएगा। हालांकि, इस पहल का राजनीतिक प्रभाव कितना होगा, यह इसकी जमीनी पहुंच और आगे की गतिविधियों से स्पष्ट होगा।
राव इंद्रजीत सिंह की दक्षिण हरियाणा से आगे पहुंच बनाने की कोशिश
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह भी हरियाणा के अलग-अलग हिस्सों में अपनी सक्रियता बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करने की योजना बनाई है। हाल ही में वह हांसी में शहीदी दिवस के एक कार्यक्रम में शामिल हुए, जिसका आयोजन यादव सभा ने किया था।
राव इंद्रजीत सिंह दक्षिण हरियाणा और अहीरवाल क्षेत्र में मजबूत राजनीतिक आधार रखते हैं। अब उनके संपर्क अभियान को पारंपरिक प्रभाव क्षेत्र से आगे बढ़कर दूसरे इलाकों में समर्थकों से जुड़ने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इससे उनके राजनीतिक प्रभाव का दायरा बढ़ाने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है।
राव इंद्रजीत सिंह ने पहले इंसाफ मंच नाम से एक गैर-राजनीतिक संगठन की गतिविधियां शुरू की थीं। हालांकि, हाल के समय में इस मंच की गतिविधियां सीमित रही हैं। ऐसे में राज्य के अन्य हिस्सों में संपर्क बढ़ाने की उनकी कोशिश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पार्टी के भीतर राजनीतिक समीकरणों पर नजर
हरियाणा भाजपा में इन अलग-अलग पहलों को राजनीतिक विश्लेषक अपने-अपने समर्थक आधार को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। जहां कुलदीप बिश्नोई अपने समर्थकों से संपर्क बढ़ा रहे हैं, वहीं मोहित चौधरी सामाजिक अभियान के जरिए प्रदेशभर में पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं। राव इंद्रजीत सिंह की सक्रियता भी उनके पारंपरिक क्षेत्र से आगे विस्तार की संभावनाओं को लेकर चर्चा में है।
राव इंद्रजीत सिंह और पार्टी नेतृत्व के बीच मतभेदों को लेकर पहले भी सार्वजनिक बयान सामने आते रहे हैं। वहीं, धर्मबीर सिंह के बेटे मोहित चौधरी के अभियान के साथ उनके परिवार की राजनीतिक अपेक्षाओं को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। कुलदीप बिश्नोई की गतिविधियां भी पार्टी में अपनी भूमिका मजबूत करने के प्रयास के तौर पर देखी जा रही हैं।
हालांकि, इन पहलों को सीधे तौर पर किसी पद या टिकट की दावेदारी का प्रमाण नहीं माना जा सकता। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि हरियाणा भाजपा के कुछ नेता और उनसे जुड़े संगठन जनसंपर्क बढ़ाने में जुटे हैं। आने वाले समय में इन प्रयासों का पार्टी के भीतर समीकरणों और राज्य की राजनीति पर क्या असर पड़ता है, इस पर नजर रहेगी।

