Yuva Haryana: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पिछड़ा वर्ग (OBC / BCA) श्रेणी के प्रमाण पत्रों की वैधता को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और नजीर पेश करने वाला फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी अभ्यर्थी का पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र आवेदन करने की अंतिम तिथि से पहले समाप्त (Expire) हो चुका था और उसने उसी एक्सपायर हो चुके सर्टिफिकेट के आधार पर आवेदन किया था, तो बाद में नया प्रमाण पत्र बनवा लेने से उसकी उम्मीदवारी वैध नहीं मानी जाएगी।
पात्रता की शर्तें सभी के लिए समान:
अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद विज्ञापन (Advertisement) में निर्धारित पात्रता शर्तों को सभी अभ्यर्थियों के लिए समान रूप से लागू किया जाना जरूरी है। नियमों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जा सकती।
क्या था पूरा मामला?
पद व विभाग: यह मामला हरियाणा सरकार द्वारा मेवात संवर्ग (Mewat Cadre) में निकाले गए 1456 प्राथमिक शिक्षकों (PRT) के पदों की भर्ती से जुड़ा हुआ है।
आवेदन की अंतिम तिथि: इन पदों पर आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 21 अगस्त 2024 थी। नियम के तहत पिछड़ा वर्गए (BCA) श्रेणी के आवेदकों को आवेदन के साथ वैध प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य था।
विवाद की वजह: अपीलकर्ता ने जनवरी 2024 में जारी हुआ पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र लगाया था। हरियाणा सरकार के 22 मार्च 2022 के निर्देशों के मुताबिक, आय एवं क्रीमी लेयर से जुड़े प्रमाण पत्रों की वैधता संबंधित वित्तीय वर्ष (31 मार्च तक) ही रहती है।
अदालत का तर्क: चूंकि अभ्यर्थी का सर्टिफिकेट 31 मार्च 2024 को खत्म हो गया था और भर्ती आवेदन की आखिरी तारीख 21 अगस्त 2024 थी, इसलिए अंतिम तिथि के वक्त अभ्यर्थी के पास वैध प्रमाण पत्र नहीं था। अदालत ने पाया कि चयन प्रक्रिया में बाद में नया सर्टिफिकेट जमा करने के आधार पर पात्रता का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता।

