By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Yuva HaryanaYuva HaryanaYuva Haryana
Notification Show More
Font ResizerAa
  • Home
  • आज की ताजा खबर
  • हरियाणा न्यूज़
  • हरियाणा सरकार
  • भारत
  • स्वास्थ्य एवं जीवनशैली
  • खेल खिलाड़ी
  • राजनीति
  • सोशल-वायरल
  • कृषि
  • धर्म
  • अन्य
  • मनोरंजन
Reading: धान-बाजरा खरीद में देरी, किसानों की बढ़ी मुश्किलें
Share
Font ResizerAa
Yuva HaryanaYuva Haryana
Search
  • Home
  • आज की ताजा खबर
  • हरियाणा न्यूज़
  • हरियाणा सरकार
  • भारत
  • स्वास्थ्य एवं जीवनशैली
  • खेल खिलाड़ी
  • राजनीति
  • सोशल-वायरल
  • कृषि
  • धर्म
  • अन्य
  • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
हरियाणा न्यूज़कृषि

धान-बाजरा खरीद में देरी, किसानों की बढ़ी मुश्किलें

Bhawana Vats
Last updated: October 17, 2026 1:44 pm
Bhawana Vats - Editor
Published: October 17, 2026
Share
SHARE

Yuva Haryana: धान और बाजरे की सरकारी खरीद में देरी तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत मिलने के कारण किसानों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। हरियाणा के पूर्व मंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के नेता संपत सिंह ने खरीद व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार की नीतियों की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया में देरी, बारिश से फसलों को हुए नुकसान और मंडियों में पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

Contents
छह महीने से खरीद का इंतजार कर रहे किसानधान खरीद के आंकड़ों पर उठाए सवालबाजरा किसानों को MSP से कम दाम मिलने का आरोपबारिश से नुकसान और बढ़ी किसानों की परेशानीसरकार से खरीद व्यवस्था सुधारने की मांग

छह महीने से खरीद का इंतजार कर रहे किसान

संपत सिंह ने कहा कि पिछले छह महीनों से किसान अपनी फसलों की खरीद और भुगतान को लेकर परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी खरीद व्यवस्था में देरी के कारण किसानों को अपनी उपज कम कीमतों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार की खरीद नीतियों और मंडियों में पर्याप्त सुविधाओं के अभाव ने किसानों की समस्याओं को और बढ़ा दिया है। बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान के बीच खरीद प्रक्रिया धीमी रहने से किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।

धान खरीद के आंकड़ों पर उठाए सवाल

संपत सिंह के अनुसार, सरकारी आंकड़ों में धान खरीद की स्थिति बेहतर दिखाई जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि एक महीने पहले तक लगभग 21 लाख टन धान की खरीद हुई थी, जबकि पिछले साल इसी अवधि में करीब 35.38 लाख टन धान खरीदा जा चुका था।

पानीपत एलिवेटेड एक्सप्रेसवे जनवरी 2027 से होगा टोल-फ्री !

उन्होंने सवाल उठाया कि खरीद की धीमी गति के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार क्यों करना पड़ रहा है। उनके मुताबिक, खरीद प्रक्रिया में देरी और भुगतान संबंधी समस्याएं किसानों की परेशानी बढ़ा रही हैं।

बाजरा किसानों को MSP से कम दाम मिलने का आरोप

संपत सिंह ने बाजरा खरीद की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,900 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया था, लेकिन किसानों को कई जगह इससे काफी कम कीमत मिल रही है।

उन्होंने दावा किया कि कुछ किसानों को 1,900 से 2,000 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास बाजरा बेचना पड़ रहा है। इससे किसानों को प्रति क्विंटल सैकड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। उनके अनुसार, यदि किसानों को घोषित MSP नहीं मिलता, तो सरकारी समर्थन मूल्य का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाता।

बारिश से नुकसान और बढ़ी किसानों की परेशानी

पूर्व मंत्री ने कहा कि बारिश से फसलों को हुए नुकसान ने किसानों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर किया है। एक ओर फसल खराब होने का खतरा है, वहीं दूसरी ओर मंडियों में खरीद और भुगतान की प्रक्रिया में देरी से किसानों को आर्थिक दबाव झेलना पड़ रहा है।

मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज की हालत खराब, छात्रों ने CM से मांगी मदद

उन्होंने सरकार से मांग की कि खरीद केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्था की जाए, फसल खरीद में तेजी लाई जाए और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

सरकार से खरीद व्यवस्था सुधारने की मांग

संपत सिंह ने सरकार से धान और बाजरे की खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए और MSP से कम कीमत पर फसल बेचने की मजबूरी खत्म होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी मांग की कि बारिश से प्रभावित किसानों के नुकसान का आकलन कर उचित सहायता दी जाए। साथ ही, मंडियों में खरीद और भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए परेशान न होना पड़े।

उनके अनुसार, कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है कि सरकारी खरीद व्यवस्था समयबद्ध हो और किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले।

कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर से मारपीट के बाद भड़का विवाद, सड़क पर उतरे छात्र-शिक्षक; 4 गिरफ्तार

You Might Also Like

अकील अख्तर सुसाइड केस में बड़ा अपडेट, CBI ने पूर्व DGP और पत्नी के खिलाफ दर्ज किया केस
हरियाणा पहुंचे BJP राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, युवाओं को राजनीति में शॉर्टकट से बचने की दी सलाह
हरियाणा में धान खरीद अब 29 सितंबर से, केंद्र ने तय तारीख से दो दिन पहले दी मंजूरी
ग्रामीण हरियाणा में अब गांव के पास ही होगी ईसीजी जांच, टेली-ईसीजी से दिल के मरीजों को मिलेगा समय पर इलाज
हरियाणा में लंपी वायरस का कहर, अभय चौटाला ने भाजपा सरकार को ठहराया जिम्मेदार
TAGGED:agrarian crisisgovernment procurementHaryana agricultural markets (mandis)Haryana FarmersINLDMSPMSP (Minimum Support Price)Paddy Procurementpearl millet (bajra) procurementSampat Singhकिसान संकटधान खरीदन्यूनतम समर्थन मूल्यबाजरा खरीदसंपत सिंहसरकारी खरीदहरियाणा किसानहरियाणा मंडी
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a ReplyCancel reply

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
[mc4wp_form]
Popular News
आज की ताजा खबरहरियाणा न्यूज़

कोहरे का कहर, हरियाणा में कई सड़क हादसे हुए, 40 से ज्यादा वाहन टकराए

Yuva Haryana
Yuva Haryana
December 14, 2025
हरियाणा में किसानों को कब मिलेगा मुआवजा ? अब एक्शन में आए CM ने कई पटवारियों को किया सस्पेंड
अकील अख्तर की मौत के मामले में नया मोड़, पिता पूर्व DGP सहित परिवार के कई सदस्यों पर लगे गंभीर आरोप
हरियाणा में बुढ़ापा पेंशन पर सरकार का स्पष्टीकरण, इसलिए अटकी बुजुर्गों की पेंशन, पढ़ें
नितिन नबीन को BJP की कमान, कब कौन बना भाजपा अध्यक्ष, देखें पूरी लिस्ट
Global Coronavirus Cases

Confirmed

0

Death

0

More Information:Covid-19 Statistics
© Yuva Haryana. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?