Yuva Haryana : हरियाणा के सरकारी स्कूल शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे है। प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों के करीब 30 हजार पद खाली पड़े है। यह खुलासा प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट में टीजीटी कैडर में सबसे बड़ा संकट बताया गया है।
एमआईएस रिपोर्ट के अनुसार प्रिंसिपल, हेड मास्टर, पीजीटी, टीजीटी, और पीआरटी व जेबीटी समेत सभी कैडरों के कुल 1,22,359 स्वीकृत पदों में से वर्तमान में केवल 92,493 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इन कार्यरत कर्मचारियों में 81,388 नियमित और 11,105 अतिथि अध्यापक शामिल हैं। ऐसे में 29,866 पद खाली पड़े है।
रिपोर्ट के अनुसार टीजीटी में आधे पदों पर भर्तियों ही नहीं हुई है, क्योंकि कुल 42,067 टीजीटी पदों में से 14,187 पद खाली हैं।
वहीं पोस्ट ग्रेजुएट टीचर्स के भी 38,861 पदों में से 9,818 पद रिक्त है। इनके अलावा प्राइमरी शिक्षकों और हेड टीचर्स के 37,940 पदों में से 5,461 पद खाली है।
इन आंकड़ों में यह भी दिख रहा है कि आज शिक्षा व्यवस्था अस्थायी कर्मचारियों पर निर्भर है क्योंकि, 11,105 गेस्ट टीचर्स के अलावा 6,667 पद हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से भरे गए हैं। सबसे अधिक एचकेआरएन कर्मचारी टीजीटी 5,538 और पीजीटी 1,129 है।
90 प्रतिशत पद खाली होने के कारण हाई स्कूल के हेड मास्टर के आंकड़े भी बेहद चौंकाने वाले सामने आए है, क्योंकि 916 स्वीकृत पदों में से 823 पद खाली है।



