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IAS Success Story : UPSC में कई बार हुए फेल, लेकिन नहीं छोड़ी उम्मीद, लगातार मेहनत से बने IAS, पढ़िए कृष्ण कुमार की सफलता की कहानी
 

अगर आप असफलताओं से घबराए बिना अपनी मंजिल तक पहुंचने की कोशिश करेंगे, तो आपको सफलता जरूर मिल जाएगी। आज आपको यूपीएससी (UPSC CSE 2020) में ऑल इंडिया रैंक 24 हासिल कर आईएएस अफसर बनने वाले कृष्ण कुमार सिंह (Krishan Kumar Singh) की कहानी बताएंगे। असफलताओं से निराश होकर उन्होंने एक बार के लिए अपनी राह बदल ली और बैंक की नौकरी ज्वाइन कर ली। लेकिन उनके अंदर आईएएस बनने की इच्छा अधूरी रह गई थी, जिसकी वजह से वह एक बार फिर मैदान में उतरे और सफलता हासिल कर ली। चौथे प्रयास में उन्हें आईपीएस सेवा मिली पर पांचवें प्रयास में उन्हें मन मुताबिक आईएएस सेवा मिल गई।

If you try to reach your destination without being afraid of failures, then you will definitely get success. Today we will tell you the story of Krishan Kumar Singh, who became an IAS officer by securing All India Rank 24 in UPSC (UPSC CSE 2020). Frustrated by the failures, he changed his course for once and joined a bank job. But his desire to become an IAS remained unfulfilled, due to which he once again entered the field and achieved success.

IAS Krishan Kumar Singh Success Story

ऐसा रहा शुरुआती सफर 

कृष्ण कुमार सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर के रहने वाले हैं, लेकिन उनका ज्यादातर समय दिल्ली-एनसीआर में बीता। खुज्झी गांव निवासी कृष्ण कुमार सिंह के पिता रामआसरे सिंह गाजियाबाद में उद्योग विभाग में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। उनकी वर्ष 2008 में मृत्यु हो गई। कुछ दिनों बाद मां का भी निधन हो गया।गाजियाबाद के एक स्कूल से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने बीटेक में दाखिला ले लिया और दिल्ली से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।

Krishna Kumar Singh is originally from Jaunpur in Uttar Pradesh, but he spent most of his time in Delhi-NCR. Ramasare Singh, father of Krishan Kumar Singh, a resident of Khujjhi village, was working as an assistant manager in the industries department in Ghaziabad. He died in the year 2008. A few days later, the mother also passed away. After studying up to Intermediate from a school in Ghaziabad, she enrolled in B.Tech and got an engineering degree from Delhi.

IAS Krishan Kumar Singh Success Story

इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी है। जब कई बार उन्हें असफलता मिली तो वे निराश हो गए और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का टेस्ट पास करके मैनेजर बन गए। बैंक की नौकरी हासिल करने के बाद भी उनकी आईएएस बनने की इच्छा प्रबल रही। फिर क्या था वे दोबारा मैदान में उतरे और लगातार दो बार यूपीएससी परीक्षा पास की। वर्तमान में वह शिमला में कार्यरत थे। चौथे प्रयास में उनका आईपीएस में चयन हुआ है। उन्हें 181वीं रैंक प्राप्त हुई है।

After that he started preparing for UPSC. When he failed many times, he got frustrated and became a manager after passing the test of Reserve Bank of India. Even after getting a bank job, his desire to become an IAS remained strong. What was then, he again entered the field and passed the UPSC exam twice in a row. Presently he was working in Shimla. In the fourth attempt, he was selected in the IPS. He has got 181st rank.

नियमित रूप से पांच-छह घंटे पढ़ते हैं कृष्ण

कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें किताबें पढ़ने की बहुत शौक है, साथ ही वह कविता भी लिखते हैं। वह नियमित रूप से पांच-छह घंटे पढ़ते हैं। कृष्ण के मुताबिक, वह कभी कोचिंग सेंटर पर नहीं गए। उन्होंने कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर कठिन परिश्रम किया जाए तो मंजिल अवश्य मिलेगी।

Krishna Kumar Singh told that he is very fond of reading books, as well as he writes poetry. He studies regularly for five-six hours. According to Krishna, he never went to the coaching centre. He said that if you work hard by setting goals, you will definitely get your destination.

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तैयारी के लिए इन बातों को मानते हैं जरूरी

कृष्ण कुमार ने सिलेबस के अनुसार अपनी पढ़ाई का शेड्यूल बनाया और स्टडी मटेरियल तैयार किया। इसके बाद वे कड़ी मेहनत में जुट गए। उनका मानना है कि तैयारी के दौरान टाइम मैनेजमेंट और आंसर राइटिंग प्रैक्टिस काफी मायने रखती है। अगर आप कड़ी मेहनत कर सकारात्मक रवैया के साथ यूपीएससी के सफर में आगे बढ़ेंगे तो जरूर सफलता हासिल कर सकते हैं। वे कहते हैं कि जब आप तैयारी के लिए मैदान में उतर जाएं, तो चुनौतियों से नहीं घबराना चाहिए।

Krishna Kumar made his study schedule according to the syllabus and prepared the study material. After that he started working hard. He believes that time management and answer writing practice are very important during preparation. If you work hard and move ahead in the UPSC journey with a positive attitude, then you can definitely achieve success. They say that when you step out into the field to prepare, don't be afraid of challenges.

IAS Krishan Kumar Singh Success Story

अन्य कैंडिडेट्स को कृष्ण कुमार की सलाह

कृष्ण कुमार सिंह का मानना है कि सिविल सेवा का सपना पूरा करने के लिए कैंडिडेट्स को असफलताओं से नहीं घबराना चाहिए और लगातार लक्ष्य की तरफ बढ़ते रहना चाहिए। उन्हें तीन बार असफलता मिली और कई बार नकारात्मक ख्याल उनके दिमाग में आए। लेकिन उन्होंने खुद को स्थिर रखा और लक्ष्य पर फोकस किया। अपनी मंजिल को पाने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की और पांचवें प्रयास में सफलता हासिल कर आईएएस बनने का सपना पूरा कर लिया