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33 साल पहले जिस 4 साल के बच्चे का हुआ था अपहरण, वह इस चीज के सहारे पहुंच गया मां तक, पढि़ए भावुक कर देने वाली कहानी
 

किस्मत हो तो कुछ भी संभव है। चीन के रहने वाले ली जिंगवेई के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है। 33 साल पहले बचपन में किडनैप कर कुछ ले गए थे। लेकिन तीन दशक बाद जिंगवेई अपनी मां के पास दोबारा पहुंच गया। ऐसा इसलिए संभव हुआ, क्योंकि उसने अपनी याद्दाश्त को हथियार बनाया।

जिसके आधार पर गांव का नक्शा बनाया और उसे सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसकी मदद से वह दोबारा परिवार से मिल सका। मामला 1989 में हेनान प्रांत का है, जब 4 साल के ली जिंगवेई को एक व्यक्ति ने चाइल्ड ट्रैफिकिंग (मानव व्यापार) के लिए अगवा कर लिया था।

उसने करीब 1900 किलोमीटर दूर जाकर गुआंगडोंग प्रांत में जिंगवेई को एक दंपती के हाथों बेच दिया था। परिजनों ने काफी खोजबीन की, इसके बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका। लेकिन अब 33 साल बाद जिंगवेई अपने हाथ से बनाए गए घर के नक्शे की मदद से परिवारवालों के पास वापस लौट आया है।

33 साल बाद अपने घर वापस पहुंचा जिंगवेई जब अपनी मां से मिला, तो उसकी आंखों में आंसू आ गए। 4 साल की उम्र में गायब हुआ जिंगवेई अब शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। जिंगवेई को अपने परिवार से बिछड़े साल दर साल बीतते रहे, लेकिन उसके जेहन से मां और गांव की यादें नहीं मिटीं।

वह दिन में एक बार अपने गांव-घर का नक्शा जरूर बनाता ,ताकि उसे सब याद रहे। थोड़ा बड़ा होने पर उसने कई बार अपने उस दंपती से भी अनुरोध किया कि वे गांव जाकर उसकी असली मां से मिला दें, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। ऐसे में जिंगवेई ने अपनी याद्दाश्त पर जोर डाला और अपने गांव का नक्शा कागज के पन्ने पर तैयार कर डाला।

दिलचस्प बात ये रही कि यह नक्शा उसके गांव की संरचना से मेल खाता था। इस बीच किसी के कहने पर जिंगवेई ने उस नक्शे को इंटरनेट पर अपलोड कर दिया। साथ खुद के चाइल्ड ट्रैफिकंग का शिकार होने की कहानी भी नक्शे के साथ अटैच कर दी। देखते ही देखते उसकी ये कहानी वायरल हो गई।

मामला पुलिस तक पहुंचा तो उन्होंने भी जिंगवेई को उसकी मां से मिलाने की ठानी। पुलिस ने उसके बनाए नक्शे का मिलान पहाड़ों पर बसे झाओतोंग शहर के एक गांव से किया। उस गांव तक पहुंचने के बाद डीएनए रिपोर्ट के आधार पर जिंगवेई की मां का पता चल गया। नए साल पर दोनों को मिलवाया गया।