\u0939\u0930\u093F\u092F\u093E\u0923\u093E \u0915\u0947 \u0938\u0930\u0915\u093E\u0930\u0940 \u0935\u093F\u092D\u093E\u0917\u094B\u0902 \u0915\u094B \u0928\u092F\u093E \u0935\u093E\u0939\u0928 \u0928 \u0916\u0930\u0940\u0926\u0928\u0947 \u0915\u0947 \u0906\u0926\u0947\u0936, \u092F\u0939 \u0939\u0948 \u0915\u093E\u0930\u0923

“The world’s most advanced Real Content in Hindi”

  1. Home
  2. सोशल-वायरल

हरियाणा के सरकारी विभागों को नया वाहन न खरीदने के आदेश, यह है कारण

Yuva Haryana, Chandigarh कोरोना वायरस के कारण लगे लॉक डाउन में प्रदेश में उद्योग बंद है। प्रदेश को राजस्व का घाटा भी हो रहा है। इसी बीच सरकार ने वर्तमान वित्तीय स्थिति को देखते हुए सभी विभागों को नए वाहन न खरीदने के आदेश जारी कर दिए हैं। हालांकि यह...


हरियाणा के सरकारी विभागों को नया वाहन न खरीदने के आदेश, यह है कारण

Yuva Haryana, Chandigarh

कोरोना वायरस के कारण लगे लॉक डाउन में प्रदेश में उद्योग बंद है। प्रदेश को राजस्व का घाटा भी हो रहा है। इसी बीच सरकार ने वर्तमान वित्तीय स्थिति को देखते हुए सभी विभागों को नए वाहन न खरीदने के आदेश जारी कर दिए हैं। हालांकि यह फैसला विगत कैबिनेट मीटिंग में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाले मंत्रिमंडल समूह ने लिया था। जिसके अंतर्गत अब सभी विभागों के मुखिया व जिला उपायुक्तों को लिखित आदेश जारी कर दिए गए हैं।

आदेशों में कहा गया है कि अगले आदेशों तक सरकार ने फैसला किया है कि कोई भी सरकारी विभाग कोई नई कार, जीप व अन्य वाहन नहीं खरीदेगा। सरकार ने फैसला लिया है कि इस वक्त सरकारी बसें या इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल की ही खरीद की जाएगी। यदि किसी सरकारी विभाग को किसी विशेष परिस्थितियों में वाहन की आवश्यकता है तो वे संबंधित विभाग वाहनों को हायर किया जाएगा। लेकिन इन परिस्थितियों में नया वाहन नहीं किया जाएगा। सरकार की वित्तीय हालात बहुत ज्यादा बेहतर नहीं हैै। जिसके चलतेेेे सरकार ने उक्त फैसला किया है।

हरियाणा के सरकारी विभागों में कामकाज सुचारु होने के बावजूद बायोमेट्रिक हाजिरी अभी शुरू नहीं होगी। मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड, निगमों के प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों व मंडलायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि कोरोना के केस लगातार सामने आने के कारण अगले आदेशों तक बॉयोमेट्रिक के बजाय रजिस्टर पर ही हाजिरी लगवाई जाए। इसका पूरा रिकॉर्ड कर्मचारी वार साथ-साथ तैयार करें। इससे भविष्य में दिक्कत नहीं आएगी। प्रदेश में कोई भी सरकारी संस्थान या सार्वजनिक उपक्रम बायोमेट्रिक हाजिरी अपनी मर्जी से शुरू नहीं करेगा।