\u0936\u0930\u093E\u092C \u0920\u0947\u0915\u0947\u0926\u093E\u0930\u094B\u0902 \u0915\u094B \u0930\u093E\u0939\u0924, \u0928\u090F \u091F\u0948\u0915\u094D\u0938 \u0914\u0930 \u092E\u0939\u0902\u0917\u093E\u0908 \u0938\u0947 \u091C\u0928\u0924\u093E \u0906\u0939\u0924: \u0905\u092D\u092F \u091A\u094C\u091F\u093E\u0932\u093E

“The world’s most advanced Real Content in Hindi”

  1. Home
  2. सोशल-वायरल

शराब ठेकेदारों को राहत, नए टैक्स और महंगाई से जनता आहत: अभय चौटाला

Sahab Ram, Yuva Haryana, Chandigarh इनेलो नेता चौधरी अभय सिंह चौटाला ने प्रदेश की भाजपा-जजपा सरकार द्वारा शराब ठेकेदारों को अलग-अलग तरह-तरह की छूट देने बाबत तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। जगजाहिर है कि पहले भी यह सरकार शराब ठेकेदारों के प्रति नरम रवैया अपनाती रही है। जैसा कि सर्वविदित है...


शराब ठेकेदारों को राहत, नए टैक्स और महंगाई से जनता आहत: अभय चौटाला

Sahab Ram, Yuva Haryana, Chandigarh

इनेलो नेता चौधरी अभय सिंह चौटाला ने प्रदेश की भाजपा-जजपा सरकार द्वारा शराब ठेकेदारों को अलग-अलग तरह-तरह की छूट देने बाबत तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। जगजाहिर है कि पहले भी यह सरकार शराब ठेकेदारों के प्रति नरम रवैया अपनाती रही है। जैसा कि सर्वविदित है कि मार्च महीने में लॉकडाउन लागू होते ही पूरे देश में ठेके बंद हो गए थे परंतु हरियाणा में ये कई दिनों तक चलते रहे परंतु जब मीडिया में शोर मचा तो कई दिनों बाद बंद हुए थे। इसके अलावा 9 अप्रैल को सरकार के विशेष आदेश द्वारा शराब की फैक्ट्रियां चालू करने के आदेश दिए गए थे ताकि शराब के ठेकों पर सप्लाई में कोई कमी न आए। जब इस पर बवाल मचा तो यह तर्क दिया गया कि शराब की फैक्ट्री सेनेटाइजर बनाने के लिए काम करेगी जबकि लिखित आदेश शराब बनाने वाले ही थे।

उल्लेखनीय है कि सरकार अप्रैल माह में तो शराब के ठेके नहीं खोल पाई परंतु शराब माफिया को अवैध शराब बेचने में पूरी छूट मिलती रही जिसके कई उदाहरण मीडिया में उजागर हुए हैं जिसमें करोड़ों रुपए का अवैध कारोबार हुआ तथा कानून की धज्जियां भी उड़ाई गई। इसका जीता जागता एक बड़ा उदाहरण फतेहाबाद जिले का है जिसमें लगभग एक लाख शराब की बोतलों का स्टॉक कम पाया गया जिससे स्पष्ट है कि ये सारी शराब अवैध रूप से शराब माफियाओं द्वारा बेची गई। यहां पर यह भी जगजाहिर है कि इस ठेकेदार के पारिवारिक/राजनैतिक संबंध सरकार में बैठे लोगों के साथ हैं। इसी प्रकार का एक गोरखधंधा सोनीपत जिले में भी हुआ है जहां लगभग दो लाख बोतलों का स्टॉक कम पाया गया। इस प्रकार की गड़बडिय़ां लगभग सभी जिलों में हुई हैं।

हैरत की बात है कि लॉकडाउन में जब सब कुछ बंद है तो शराब के बड़े-बड़े घोटालों को कैसे अंजाम दिया गया? इनेलो नेता ने कहा कि सरकार में बैठे लोगों की सरपरस्ती के बिना संभव नहीं हो सकता। पता चला है कि विभाग द्वारा कमेटी बनाकर जांच बैठाई गई है जो केवल लीपापोती ही करेगी और असली सरगना बच जाएंगे। अगर ये जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी जैसे सीबीआई या न्यायिक जांच से करवाई जाए तो सच्चाई सामने आ सकती है परंतु सरकार जो शराब माफियाओं के इशारे पर काम काम रही है, इस प्रकार की जांच कदाचित नहीं करवाएगी। अगर मुख्यमंत्री द्वारा निष्पक्ष जांच के आदेश नहीं दिए गए तो संदेह की सूई उनके इर्द-गिर्द भी घूमेगी। बेहतर होगा मुख्यमंत्री इस बारे में एक निष्पक्ष जांच कराए ताकि संदेह की सूई मुख्यमंत्री पर न आए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सके क्योंकि ये बहुत गंभीर मामला है। लॉकडाउन के बावजूद इतना भारी स्टॉक खुदबुर्द हुआ तथा जिसमें एक्साइज ड्यूटी का नुकसान हुआ तथा कानून की धज्जियां भी उड़ाई गई।

उन्होंने कहा कि अब शराब के ठेके 6 मई से खोल दिए गए हैं लेकिन 6 से 19 मई तक उनकी लाइसेंस फीस में छूट दी गई और लॉकडाउन होने पर 5 मई तक की लाइसेंस फीस माफ की गई है। इन ठेकों की मियाद अब 6 मई, 2020 से 19 मई, 2021 तक रखी गई है जो कि एक वर्ष से करीब दो सप्ताह ज्यादा बनते हैं। इस प्रकार इन दो सप्ताह की लाइसेंस फीस में छूट देने का क्या औचित्य स्पष्ट नहीं होता जबकि इन ठेकों की बोली एक वर्ष के लिए की गई थी। सरकार शराब कारोबारियों को राहत देने में जुटी हुई है तथा आम आदमी पर अतिरिक्त करों का बोझ डालने पर तुली हुई है जिसमें मुख्य तौर पर रोडवेज के किरायों में वृद्धि, पेट्रोल-डीजल पर वैट बढ़ाना, फल-सब्जियों पर मार्केट फीस लगाना इत्यादि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लोकडॉउन की आड़ लेकर प्रदेश के किसानों, कर्मचारियों व छात्रों को लूटने का काम कर रही है तथा दूसरी ओर शराब ठेकेदारों व शराब माफिया पर मेहरबान है।