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हरियाणा में रजिस्ट्री प्रक्रिया को लेकर सरकार करने जा रही है यह बड़ा बदलाव, जीरो टोलरेंस को लेकर बनाई खास योजना
 

हरियाणा की तहसीलों में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आते रहे हैं। सरकार अब सख्ती बरतने जा रही है। तहसीलों को हाईटेक किया जाएगा। ऑनलाइन सिस्टम शुरू करने के बाद अब रेवेन्यू डिपार्टमेंट डेशबोर्ड शुरू करेगा। जल्द ही इस काम को पूरा किया जाएगा।

यह ऐसा प्लेटफार्म होगा, जिससे न केवल रेवेन्यू अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी, बल्कि स्थानीय अधिकारियों व आम लोगों से लेकर सीधे मुख्यमंत्री तक मॉनीटरिंग कर सकेंगे। खास बात होगी कि डेशबोर्ड तहसील, उप-तहसील से लेकर एफसीआर दफ्तर व सीएमओ (मुख्यमंत्री कार्यालय) में डिस्पले होगा।

तहसीलों व उप-तहसीलों में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें आने के बाद सरकार की ओर से यह कदम उठाया जा रहा है। बताना जरूरी है कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री का कामकाज डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला देख रहे हैं, योजना के तहत उनको भी इससे अवगत कराया गया है।

इस शुरुआत के बाद कामकाज में देरी भी नहीं होगी। हरियाणा में लगभग 150 तहसील और सब-तहसील हैं। ये सभी इस डेशबोर्ड के साथ कनेक्ट होगी। तहसीलदरों और नायब-तहसीलदारों के खिलाफ आ रही शिकायतों और रजिस्ट्री में हो रही देरी को देखते हुए सरकार एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट को भी रजिस्ट्री करने के अधिकार दे चुकी है।

अधिकारियों के पास भी डेशबोर्ड का लिंक रहेगा। सभी जिलों के डीसी के अलावा चंडीगढ़ मुख्यालय में रेवेन्यू मुख्यालय, विभाग के मंत्री तथा मुख्यमंत्री तक इस डेशबोर्ड पर तहसीलों में चल रहे कामकाज को घर-दफ्तर में बैठे ही देख सकेंगे। डेशबोर्ड में रजिस्ट्री के लिए लोगों को दी गई डेट का पूरा ब्योरा होगा।

खास बात यह भी होगी कि पूरे प्रदेश में कितने लोगों की रजिस्ट्री एक दिन में होनी है और उनमें से कितनी हो चुकी है या लंबित हैं, यह डेशबोर्ड पर डिस्पले होता रहेगा। रजिस्ट्री में कुल कितने का स्टांप लगा है, एरिया का कलेक्टर रेट तक डिस्पले होगा। रजिस्ट्री की शुरुआत से लेकर शाम को 5 बजे तक का पूरा डाटा नियमित रूप से अपडेट होता रहेगा।

विशेष बात यह भी होगी कि अगर किसी रेवेन्यू अधिकारी के यहां रजिस्ट्री लटकी हुई हैं या देरी हो रही है तो डेशबोर्ड पर इसे देखकर सीधे मुख्यालय से फोन किया जाएगा। जमीनों से जुड़े विवाद रेवेन्यू कोर्ट में सुने जाते हैं। डेशबोर्ड में रेवेन्यू से जुड़े मामलों की पूरी जानकारी रहेगी।

सप्ताह में एक दिन, तहसीलदार, डीआरओ, एसडीएम व डीसी रेवन्यू कोर्ट में मामलों की सुनवाई करते हैं। डेशबोर्ड पर सुनवाई के दौरान तय किए गए मामलों के अलावा यह भी पता लगेगा कि इनमें से कितने मामले निपटाए गए और कितने लंबित हैं।

रजिस्ट्री बंद होते ही डीसी को पता चलेगा
डेशबोर्ड का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जिस भी तहसील या उप-तहसील में जमीनों की रजिस्ट्री रुकेगी तो इसका पता तुरंत मुख्यालय तक लग जाएगा। चंडीगढ़ से तुरंत डीसी को फोन जाएगा और उसके एरिया में रुकी जमीन रजिस्ट्री को लेकर जवाब मांगा जाएगा।

योजना के तहत तहसीलों एवं उप-तहसीलों में भी स्क्रीन लगेंगी। जिस पर यह डिस्पले होता रहेगा कि अब किसकी रजिस्ट्री का नंबर है, अभी तक कितनी रजिस्ट्री हो चुकी हैं और कितनी पेंडिंग हैं। आम लोग भी इसे देख सकेंगे। इसके बाद भ्रष्टाचार को लेकर गुंजाइश नहीं रहेगी।