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हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद ब्रिगेडियर लखविंदर के आश्रितों को सरकारी नौकरी और 50 लाख देगी हरियाणा सरकार, सीएम ने किया ऐलान
 

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि तमिलनाडु हेलिकॉप्टर क्रैश हादसे में जान गंवाने वाले हरियाणा के ब्रिगेडियर लखविंदर सिंह लिड्डर के परिवार को 50 लाख रुपये की सहायता राशि देने की अनुमति प्रदान की गई है। इसके साथ-साथ ब्रिगेडियर के परिवार से किसी एक आश्रित को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। ब्रिगेडियर लखविंदर का निधन उनके परिवार और प्रदेश के लिए अपूर्णीय क्षति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक और अर्ध सैनिक बल की एक्सग्रेसिया पॉलिसी के तहत शहीद होने वाले सैनिक परिवार के आश्रितों को आर्थिक सहायता के साथ-साथ सरकारी नौकरी दिए जाने का प्रावधान है। इस नीति के तहत हैलिकॉप्टर क्रैश हादसे में जान गंवाने वाले ब्रिगेडियर लखविंदर सिंह की मौत को प्रोविजनल लड़ाई दुर्घटना मानते हुए विशेष आर्थिक सहायता व नौकरी देने की घोषणा की गई है। इस तरह का यह हरियाणा में पहला मामला है। 

उल्लेखनीय कि तमिलनाडु के कुन्नूर जिले में 8 दिसंबर को सीडीएस जनरल विपिन रावत, उनकी पत्नी और ब्रिगेडियर लखविंदर सिंह लिड्डर समेत सेना के कई जवानों ने हैलीकॉप्टर हादसे में जान गंवा दी थी।

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सीएम ने कहा कि ब्रिगेडियर लखविंदर का निधन उनके परिवार और प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। सैनिक और अर्धसैनिक बल की एक्सग्रेसिया पॉलिसी के तहत शहीद होने वाले सैनिक के परिवार को आर्थिक सहायता के साथ-साथ सरकारी नौकरी दिए जाने का प्रावधान है। इस नीति के तहत हेलिकॉप्टर क्रैश हादसे में जान गंवाने वाले ब्रिगेडियर लखविंदर सिंह की मौत को अस्थाई लड़ाई दुर्घटना मानते हुए विशेष आर्थिक सहायता व नौकरी देने की घोषणा की गई है।

तमिलनाडु के कुन्नूर जिले में 8 दिसंबर को CDS जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और ब्रिगेडियर लखविंदर सिंह लिद्दड़ समेत सेना के कई जवानों की हेलिकॉप्टर हादसे में जान चली गई थी। दिल्ली में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सस्कार किया गया गया था। लखविंदर सिंह पंचकूला के रहने वाले थे। छुट्टी के दिनों में वे पंचकूला अपने घर पर आते थे। उनकी बहन कसौली में रहती हैं। जबकि एक बड़ा भाई विदेश में रहता है। शहीद बिग्रेडियर के परिवार में उनकी मां, पत्नी और एक बेटी है।

एलएस लिद्दड़ के पिता महंगा सिंह आर्मी में कर्नल थि जो अब रिटायर हो चुके हैं। उनकी माता का नाम महेंद्र कौर था। करीब 1990-91 के आसपास वे सेना में भर्ती हुए थे। अंतिम बार जून 2021 में एलएल लिद्दड़ पंचकूला में आए थे।