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Haryana Cabinet Meeting- हरियाणा कैबिनेट की बैठक में क्या-क्या हुए फैसले, हिंदी में पढ़े पूरी रिपोर्ट

हरियाणा कैबिनेट ने मुख्यमंत्री बगवानी बीमा योजना को लागू करने की दी मंजूरी योजना किसानों को उच्च जोखिम वाली बागवानी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने पर केंद्रित बागवानी किसानों को अब योजना के तहत अजैविक कारकों के लिए कवर योजना के तहत कुल 21 सब्जी, फल एवं...


Haryana Cabinet Meeting- हरियाणा कैबिनेट की बैठक में क्या-क्या हुए फैसले, हिंदी में पढ़े पूरी रिपोर्ट

 

हरियाणा कैबिनेट ने मुख्यमंत्री बगवानी बीमा योजना को लागू करने की दी मंजूरी

योजना किसानों को उच्च जोखिम वाली बागवानी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने पर केंद्रित

बागवानी किसानों को अब योजना के तहत अजैविक कारकों के लिए कवर योजना के तहत कुल 21 सब्जी, फल एवं मसाला फसलों को किया जाएगा कवर

चंडीगढ़, 22 सितम्बर-हरियाणा में किसानों के हितों की रक्षा के प्रति मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए राज्य सरकार ने एक विशेष रूप से डिजाइन की गई योजना के तहत अजैविक कारकों के खिलाफ बागवानी किसानों को कवर करने का निर्णय लिया है।

इस आशय का निर्णय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया गया।

मंत्रिमंडल ने बागवानी किसानों के लिए प्रतिकूल मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के कारण बागवानी फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना (एमबीबीवाई) नामक एक आश्वासन-आधारित योजना के कार्यान्वयन को स्वीकृति प्रदान की ।

बागवानी किसानों को विभिन्न कारकों के कारण भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ता है जिनमें फसलों में अचानक बीमारी फैलने, कीटों के संक्त्रमण जैसे जैविक कारक और बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि, सूखा, पाला, अत्यधिक तापमान जैसे अजैविक कारक शामिल हैं।

बागवानी विभाग ने बागवानी फसलों को कवर करने वाली विभिन्न फसल बीमा योजनाओं की जांच की और पाया कि प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण फसल नुकसान को कवर करने के लिए एक नई योजना की आवश्यकता है। इस योजना को बागवानी फसल आश्वासन योजना के रूप में तैयार किया गया है और इसका नाम एमबीबीवाई रखा गया है जिसका उद्देश्य किसानों को उच्च जोखिम वाली बागवानी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है।

Haryana Cabinet Meeting 22 September 2021 2

इस योजना के तहत ओलावृष्टि, पाला, वर्षा, बाढ़, आग आदि जैसे मापदंडों को लिया गया है जिससे फसल को नुकसान होता है। इस योजना के तहत कुल 21 सब्जी, फल और मसाला फसलों को कवर किया जाएगा।

योजना के तहत किसानों को सब्जी एवं मसाला फसलों की 30,000 रुपये और फल फसलों की 40,000 रुपये की बीमा राशि के विरूद्घ केवल 2.5 प्रतिशत यानी क्त्रमशर् 750 रुपये और 1000 रुपये ही अदा करते होंगे।

दावा मुआवजा सर्वेक्षण और नुकसान की चार श्रेणियों 25, 50, 75 और 100 प्रतिशत की सीमा पर आधारित होगा। यह योजना वैकल्पिक होगी और पूरे राज्य में लागू होगी।

किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा (एमएफएमबी) पोर्टल पर अपनी फसल और क्षेत्र का पंजीकरण करते समय इस योजना का विकल्प चुनना होगा। मौसमवार फसल पंजीकरण की अवधि समय-समय पर निर्धारित एवं अधिसूचित की जाएगी। यह योजना व्यक्तिगत क्षेत्र पर लागू की जाएगी अर्थात फसल हानि का आकलन व्यक्तिगत क्षेत्र स्तर पर किया जाएगा।

राज्य सरकार द्वारा 10 करोड़ रुपये का बजट रखा जाएगा और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत राज्य और जिला स्तरीय समितियां राज्य एवं जिला स्तर पर निगरानी, समीक्षा और विवादों का समाधान करेंगी।

 

चंडीगढ़, 22 सितंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक  में सहायक अधीक्षक,जेल के रिक्त पद को भरने के लिए पंजाब जेल विभाग राज्य सेवा (श्रेणी-III कार्यकारी), नियम, 1963 के नियम 15 (1) एवं (2) और परिशिष्ट-क में संशोधन करने के जेल विभाग के एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

इन नियमों को अब पंजाब जेल विभाग राज्य सेवा (श्रेणी-III कार्यकारी), हरियाणा संशोधन नियम, 2020 कहा जाएगा।

नियमों में संशोधन करना इसलिए आवश्यक हो गया था क्योंकि सहायक अधीक्षक जेल के रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार की नवीनतम हिदायतों अनुसार विभागीय सेवा नियमों मे एक विषय के रूप में हिन्दी या संस्कृत के साथ दसवीं की शैक्षणिक योग्यता को शामिल करना जरूरी था।

संशोधन के अनुसार, अब सहायक अधीक्षक जेल के पदों को सीधे भरने के लिए शैक्षणिक योग्यता किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी संकाय में स्नातक या समकक्ष और हिन्दी या संस्कृत के साथ मैट्रिक या उच्चतर शिक्षा होगी।

 

करनाल में बसताड़ा टोल प्लाजा घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए जांच आयोग नियुक्त

जस्टिस सोमनाथ अग्रवाल (सेवानिवृत्त) को किया गया जांच आयोग नियुक्त

कैबिनेट ने दी मंजूरी

आयोग एक महीने के भीतर जांच करके राज्य सरकार को सौंपेगा रिपोर्ट

चंडीगढ़, 22 सितंबर – हरियाणा सरकार ने 28 अगस्त, 2021 को करनाल में बसताड़ा टोल प्लाजा पर हुए घटनाक्त्रम की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सोमनाथ अग्रवाल (सेवानिवृत्त) को जांच आयोग नियुक्त किया है।

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया।

आयोग 28 अगस्त, 2021 को करनाल में उत्पन्न परिस्थितियों के साथ-साथ पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग तक के घटनाक्त्रम की जांच करेगा।

आयोग 28 अगस्त, 2021 को उक्त परिस्थिति के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों का पता लगाएगा और पुलिस की कार्रवाई में करनाल उप-मंडल दंडाधिकारी श्री आयुष सिन्हा की भूमिका की जांच भी करेगा।

आयोग आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से एक मास की अवधि के भीतर जांच पूरी करके राज्य सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।

चंडीगढ़, 22 सितंबर- हरियाणा सरकार प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के दृष्टिगत गीता महोत्सव की तर्ज पर राज्य में ‘कृष्णा-उत्सव’ भी शुरू करेगी जिसमें श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों को झांकी, संगीत, नृत्य व आधुनिक तकनीक के सहयोग से मनमोहक अंदाज में दिखाया जाएगा।

इस उत्सव की रूपरेखा बनाने के लिए आज यहां मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में हरियाणा के शिक्षा,पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री श्री कंवर पाल भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने ‘कृष्णा-उत्सव’ से संबंधित कार्यक्त्रम के बारे में निर्देश दिए कि जिस प्रकार से फरीदाबाद जिला में सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला व कुरूक्षेत्र का गीता महोत्सव का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष महत्व है, उसी प्रकार प्रस्तावित ‘कृष्णा-उत्सव’ का आयोजन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का हरियाणा की भूमि से विशेष संबंध है। कुरुक्षेत्र में उन्होंने अर्जुन को श्री गीता का उपदेश दिया था जिसमें कर्म की महत्ता पर बल दिया गया।

बैठक में इस बात की जानकारी दी गई कि ‘कृष्णा-उत्सव’ में भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न रूपों का वर्णन दिखाया जाएगा। इसमें उनकी बाल लीला से लेकर रासलीला तक, एक साधारण मानव से लेकर उनके राजा और कर्मयोगी आदि के व्यक्तित्व का दर्शन करवाया जाएगा। इस उत्सव के दौरान झांकियों के माध्यम से कृष्ण अवतार व थियेटर के मंचन से उनकी रासलीला व संगीत कला प्रदर्शित की जाएगी। कथावाचन द्वारा बाल गोपाल प्रसंग का वर्णन होगा। आधुनिक तकनीक के माध्यम से महाभारत में श्रीकृष्ण की मार्गदर्शक की भूमिका  दिखाई जाएगी। यही नहीं देशभर में भगवान श्रीकृष्ण के जितने भी प्रसिद्घ मंदिर हैं उन मंदिरों की आरती के भी इस ‘कृष्णा-उत्सव’ में लोग लाइव दर्शन कर पाएंगे।

बहरहाल, राज्य सरकार जिस प्रकार से इस ‘कृष्णा-उत्सव’ के भव्य आयोजन की तैयारियां कर रही है उससे स्पष्ट तौर पर जाहिर होता है कि गीता महोत्सव की भांति इस उत्सव से भी धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ हरियाणा में सामान्य पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री डी.एस ढ़ेसी,‘रिसोर्स मोबीलिजेशन सैल’ के एडवाइजर श्री योगेंद्र चौधरी, कला एवं सांस्कृतिक विभाग मामलों के प्रधान सचिव श्री डी. सुरेश समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।