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गेहूं की मांग तेज: प्रदेश के आठ जिलों का अनाज किया जाएगा निर्यात
 

एक अप्रैल से मंडियों में गेहूं की आवक शुरू हो चुकी है. प्रदेश की ज्यादातर मंडियां गेहूं से अटी पड़ी हैं. कई जगह मंडी के बाहर गेहूं की ढेरियां लगाई गई हैं. इस बार गेहूं का मूल्य एमएसपी से भी अधिक चलन में है. 

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गेहूं की मांग का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश के 8 जिलों की गेहूं विदेशों में निर्यात की जाएगी. इन जिलों में हिसार, जींद, फतेहाबाद, सिरसा, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत और भिवानी शामिल हैं. इन जिलों से पहले नमूने भेजे गए थे ताकि फसल की गुणवत्ता का आकलन किया जा सके. 

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कुरुक्षेत्र, करनाल और पानीपत के कुछ नमूने फिट मिले. यह गेहूं खरीदने का जिम्मा एजेंसी का होगा और उसके बाद यह गेहूं विदेश भेजा जाएगा. कुल दो लाख टन गेहूं निर्यात किया जाएगा. सरकार द्वारा इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 तय किया गया है. हालांकि एजेंसी 2040 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीद रहा है. यह 20 से 25 रुपए की बढ़ोतरी मात्र 72 घंटों के भीतर हुई है. बता दें को एजेंसी एफसीआई के किए गेहूं खरीदती थी लेकिन इस बार विदेशों में भेजने के किए खरीद रही है.