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पानी की कीमतों पर भी होगा इजाफा, जाने कौन से उद्योगों पर गिरेगी गाज
 
जैसा की आप सभी को पता ही है कि जल हमारे लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। यह दिन प्रतिदिन कम होता जा रहा है। इसको देखते हुए हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण ने सरकारी विभाग और उद्योगों के लिए थोक जल पूर्ति की दरें बढ़ा दी है। अब इसके विभाग को पानी 5 गुना और उद्योगों को ढाई गुना महंगा मिलेगा। नई दरें 1 अगस्त 2022 से लागू की जाएंगी। प्राधिकरण ने दरों में 4 साल बाद बदलाव किया है। बता दे, कृषि क्षेत्र और आम उपभोक्ताओं को इस बढ़ोतरी से कोई असर नहीं पड़ेगा।
आपको बता दें थोक दरें बढ़ने के बाद जल आपूर्ति करने वाले जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी, सिंचाई विभाग, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण आने वाले समय में अपने हिसाब से दरों में वृद्धि कर सकते हैं। बता दें सितंबर 2018 में थोक जलापूर्ति दरें बढ़ने के बाद 2019 में शहरी उपभोक्ताओं से नई दरों अनुसार बिल वसूला गया था उद्योगों के लिए पानी ढाई गुना महंगा होने की मार आम आदमी पर भी पड़ेगी क्योंकि उद्योग पानी का बिल अधिक आने पर अपने उत्पादों के रेटो को बढ़ा देगा।
बता दे, दरें बढ़ाने से पहले प्राधिकरण ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग और जल स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के साथ लंबी चर्चा की है। 2018 में पानी की थोक दरों में उद्योगों बिजली संयंत्र को और थोक उपभोक्ताओं के लिए 2012 की तुलना 2.35 गुना के बोतल उद्योग के लिए लगभग 5 गुना व पेयजल के लिए लगभग 5 गुना बढ़ोतरी की गई है।
2018 की दरों के अनुसार 2019-20, 2020-21 और 2021-2022 के लिए औसत राजस्व लगभग 184.11 करोड़ रुपये ही आ रहा है। यह इन क्षेत्रों में खर्च की जा रही राशि 1658.09 करोड़ रुपये का केवल 11.10 प्रतिशत ही है। ऐसे में जल संसाधन प्राधिकरण को दरें बढ़ाने की जरूरत महसूस हो रही थी।
आपको बता दें, प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉक्टर सतबीर सिंह कादियान ने संशोधित जल दरों पर कहा कि यह नियमित प्रक्रिया है। वक्त के साथ-साथ इसे जल संसाधनों की उपलब्धता उपयोग और आपूर्ति को देखते हुए संशोधन की जरूरत महसूस की जा रही है। इससे पहले दोनों को वर्ष 2012 फिर 2018 में संशोधित किया गया था।
 लागत मुद्रास्फीति सूचकांक कम से कम 45 अंक बढ़ गया है। वित्त वर्ष 2017 - 2018 में 272 से बढ़कर यह व्रत वर्ष 2021- 2022 में 317 हो गया। थोक जलापूर्ति की दरों का निर्णय से सिंचाई और जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के प्रस्ताव के आधार पर किया जाता है। दरें बढ़ाने का उद्देश्य लोगों को पानी का इस्तेमाल करने के प्रति सचेत करना है।
कादियान ने आगे कहा कि ठोक दरों को बढ़ाने से अनियंत्रित जल उपयोग की रोकथाम में मदद मिलेगी। पानी की बर्बादी को कम किया जा सकेगा। इससे उद्योग और बिजली क्षेत्र में उपचारित अपशिष्ट जल का इस्तेमाल करने की और बढ़ेंगे जल संसाधन परिवार जनों के संचालक मरम्मत और अन्य कार्यों पर बिल वसूली से अधिक खर्च आ रहा है। इसमें नई परियोजनाएं प्रभावित हो रही है।
प्राधिकरण के अध्यक्ष के श्री आनंद अरोड़ा ने बताया कि थोक जल आपूर्ति दरों में वृद्धि के लिए सिफारिश की गई थी। हाल ही में सरकार ने संशोधन अधिनियम 2022 पारित किया है। इसके बाद प्राधिकरण नई दरें लागू करने जा रहा है। 2019- 20, 2020 - 21 और 2021-22 के औषधीय और राजस्व आंकलन के आधार पर दरों में आशिक वृद्धि की गई है।