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हरियाणा की दो प्रमुख बरसाती नदियां दोहान व कृष्णावती पुनर्जीवित, इन नदियों से जोड़ी जानी है नहरे
 

दक्षिण हरियाणा की दो प्रमुख बरसाती नदियां दोहान व कृष्णावती पुनर्जीवित हो गई हैं। यह दोनों नदियां जिला महेंद्रगढ़-नारनौल की जीवन रेखा मानी जाती थी, लेकिन पिछले 50 सालों में बारिश कम होने की वजह से न केवल नदियां सूख गई थी, बल्कि इनमें कई स्थानों पर लोगों ने अवैध कब्जे कर लिए थे।

पांच दशक के अंतराल के बाद दोनों नदियों में पानी आया

इन दोनों नदियों में पांच दशक बाद पानी आया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देश पर पिछले साल सिंचाई विभाग ने दक्षिण हरियाणा की इन दोनों बरसाती नदियों को पुनर्जीवित करने की मुहिम चालू की, जिसका नतीजा यह हुआ कि अब इनमें पानी बह रहा है। दैनिक जागरण ने भी दोहान व कृष्णावती नदियों को पुनर्जीवित किए जाने की मुहिम चालू की थी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सिंचाई विभाग ने परियोजना पर काम शुरू किया।

नहरों को 16 जगहों पर दोनों नदियों से जोड़ा गया

मानसून में पानी की मांग कम होने के कारण नहरों को 16 स्थानों पर इन नदियों से जोड़ा गया। नारनौल ब्रांच को डैरोली अहीर के पास लगभग 300 सीएस का एस्कैप दोहान नदी में दिया गया और डैरोली से महेंद्रगढ़ शहर तक करीब 16 किलोमीटर लंबी नदी को पुनर्जीवित किया गया। पंचायतों ने नदी के साथ-साथ रिचार्ज के लिए जोहड़ बनवाए हैं, जिनकी वजह से अब दोनों नदियों में पानी आ रहा है।

भाजपा का दावा, मुख्यमंत्री ने असंभव को संभव कर दिखाया

मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पूर्व ओएसडी जवाहर यादव और हरियाणा भाजपा के प्रवक्ता सुदेश कटारिया ने बताया कि राजस्थान में बांध बनाकर बरसाती पानी रोकने से लुप्त हो चुकी कृष्णावती व दोहान नदियों को पुनर्जीवित करने में मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रुचि ली है। दोनों नदियों के दोबारा से जीवित करने के लिए सिंचाई विभाग ने करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की राशि खर्च करने का दावा किया, लेकिन इस राशि से भी अहम बात राज्य सरकार की जन कल्याण की सोच और साफ नीयत है। कटारिया और यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने असंभव को संभव कर दिखाया है।

जवाहर यादव और सुदेश कटारिया के अनुसार एक दौर था, जब दक्षिण हरियाणा खासकर महेंद्रगढ़-नारनौल जिले में भारी बरसात होती थी और इनकी वजह से नदियों में बह रहे पानी से न केवल जिलावासियों की संपन्नता बनी रहती थी, बल्कि धरती मां भी पानी से तृप्त रहती थी।

दोनों नदियों में पानी आने से कई जिलों के लोगों को फायदा होगा  

उन्‍होंने कहा कि दो नदियां दोहान व कृष्णावती में बह रहे पानी से न केवल महेंद्रगढ़ जिला, बल्कि रेवाड़ी व गुरुग्राम तक पानी जाता था। राजस्थान की अरावली पहाड़ियों से निकलने वाली यह दोनों नदियां लुप्त प्राय हो जाती, यदि मुख्यमंत्री मनोहर लाल इनमें पानी लाने को गंभीर नहीं होते। वर्तमान पीढ़ी ने इन नदियों का नाम तो सुना होगा पर इनमें पानी नहीं देखा होगा। अब इन नदियों में पानी और रिचार्ज के लिए जोहड़ देखे जा सकते हैं।