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हरियाणा की शरण में आए दो गैंगस्टर हुए गिरफ्तार , सिद्धू मूसेवाला मामले में भी हो रही पूछताछ
 
गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के दो करीबी साथी डबवाली के रास्ते फरार होना चाहते थे। पंजाब पुलिस की एजीटीएफ (एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स) ने दोनों को शहर डबवाली से करीब 10 किलोमीटर दूर बठिंडा रोड स्थित गांव पथराला के समीप गिरफ्तार कर लिया। डबवाली के गांव देसूजोधा, जोगेवाला, पन्नीवाला मोरिकां आदि पंजाब के बठिंडा जिले से सटे हुए हैं। पकड़े गए आरोपितों की पहचान मलकीत सिंह उर्फ किट्टा निवासी गांव भैणी और हरदीप सिंह उर्फ मामा निवासी गांव आकलिया जलाल जिला बठिंडा के रूप में हुई है।

दोनों आरोपितों का पुराना आपराधिक रिकार्ड है। दोनों पंजाब पुलिस को कई जघन्य आपराधिक मामलों में वांछित हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से सात पिस्तौल (छह .32 बोर और एक .30 बोर) समेत गोला-बारूद और एएसआइ रैंक की पुलिस वर्दी बरामद की है। इसके साथ ही पुलिस द्वारा उनका मोटरसाइकिल भी जब्त किया गया है, जिसका प्रयोग कर वह भागने की कोशिश कर रहे थे।

बताया जाता है कि पुलिस को मुखबिरी मिली थी। जिसके बाद एजीटीएफ ने बठिंडा पुलिस के साथ मिलकर गांव पथराला की लिंक रोड पर नाकाबंदी कर दोनों को दबोच लिया। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच से पता लगा है कि गिरफ्तार आरोपितों ने गोल्डी बराड़ के निर्देशों पर जैसलमेर में राजस्थान के गैंगस्टर कैलाश मंजू की हत्या की कोशिश की थी। उस वक्त मंजू जमानत पर बाहर आया था। आरोपितों ने गैंगस्टर सुक्खा दुनेके के तीन साथियों डागर, फतेह नगर और कौंसल चौधरी को भी मारने की कोशिश की थी। उस वक्त नकोदर पुलिस कबड्डी खिलाड़ी सन्दीप नंगल अंबिया कत्ल मामले में उक्त आरोपितों को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई थी।

चल रही है जांच

आरोपितों के खिलाफ बठिंडा जिले की संगत थाना पुलिस ने शस्त्र अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए इन दो व्यक्तियों के सिद्धू मूसेवाला हत्या मामले के बारे में डीजीपी ने कहा कि पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है।