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हरियाणा में विधायकों की जान पर बना खतरा, सुरक्षा कड़ी होने पर पीएसओ को मिली एके -47
 
हरियाणा में हत्यारों के हौसले बुलंद होते दिखाई दे रहे हैं ऐसे में लगातार हत्या के मामले सामने आ रहे हैं। पहले आम आदमी और अब विधायकों को भी धमकियां मिलने लगी है। रंगदारी और जान से मरने की धमकी हरियाणा के छह विधायकों को दी गई। जिसके बाद हरियाणा सरकार काफी एक्टिव हो गई है और विधायकों की सुरक्षा को लेकर कड़े फैसले लेने लगी है। अब हरियाणा में जितने भी 90 विधायक है उनको कड़ी सुरक्षा दी जाएगी जिसमें पीएसओ के साथ एके-47 दी जाएंगी। विधायकों की जान को खतरा होने की वजह से सरकार ने उनके पीएसओ को यह हत्यार देने का फैसला लिया है और साथ ही उनको मुहैया भी करा दिया है। शेष पीएसओ को भी एके-47 से लैस होंगे। 
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विधानसभा के अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कड़े फैसले लिए और डीजीपी सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाकर उनकी बैठक ली और विधायकों की सुरक्षा को दुरुस्त करने का फैसला लिया। गृह मंत्री अनिल विज अधिकारियों से इस मामले में लगातार रिपोर्ट ले रहे हैं। एके-47 से लैस पीएसओ को इसलिए तैनात किया जा रहा है क्योंकि विधायकों के पीएसओ के पास पहले पिस्तौल, रिवॉल्वर या कारबाइन होती थी।
विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने विधायकों के मामले में सोमवार को डीजीपी पीके अग्रवाल समेत पुलिस के आला अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में धमकी मामले की अब तक जांच को लेकर जानकारी ली गई। पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि एसटीएफ की जांच सही दिशा में चल रही है। कॉल विदेश से ही आई हैं और लगातार टीमें इस पर काम कर रही हैं। बता दें कि अब तक सोहना से भाजपा के विधायक संजय सिंह, कांग्रेस की विधायक साढ़ौरा से रेणु बाला, सोनीपत से सुरेंद्र पंवार, मामन खान, सफीदों से सुभाष गांगोली और बादली से विधायक कुलदीप वत्स को जान से मारने की धमकी के साथ-साथ रंगदारी मांगी जा चुकी है। 
हरियाणा सरकार के एक उच्च अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सुरक्षा कर्मचारियों को एके 47 देना शुरू कर दिया है। जल्द ही सभी विधायकों के पीएसओ इस हथियार से लैस होंगे। इसके साथ ही सभी विधायकों के पीएसओ को कमांडो सेंटर में सुरक्षा के लिए विशेष प्रशिक्षण भी देने का निर्णय लिया गया है।
एके-47 के मुकाबले इन हथियारों की मारक क्षमता कम है और इनमें गोलियां भी कम आती हैं। एके-47 में एक साथ 32 गोलियां आती हैं और इसकी मारक क्षमता का कोई तोड़ नहीं है। इसलिए विधायकों की सुरक्षा के मामले को बड़ी गंभीरता से लेते हुए सरकार ने पुराने हथियारों के स्थान पर एके-47 देने का निर्णय लिया है। विधायकों के मामले में विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिया था। 
पिछले कई दिनों पहले सरकार के पास शिकायते ayi thi ki सुरक्षा कर्मी अपना काम न करते हुए विधायकों का घर का काम और अन्य काम करते है जैसे उनके लिए गाड़ी चलाना उनका सामान मार्केट से लाना और भी अन्य काम करते है। इसको लेकर सरकार ने नाराजगी जाहिर करी और कहां की सुरक्षाकर्मियों का काम विधायकों की सुरक्षा करने का है ना कि उनके घर के कार्यों का इसलिए वह केवल उनकी सुरक्षा करें और सुरक्षा में कोई लापरवाही ना करें। पीएसओ हर स्थिति में सुरक्षा पर ध्यान रखें और विशेष तौर पर अलर्ट रहें।