Yuva Haryana
यह युवा किसान एक साल से लगा रहा था अधिकारियों के चक्कर, नही मिला न्याय तो कोर्ट परिसर में दे दी जान
 

हरियाणा के सोनीपत के जिला कोर्ट परिसर में उस समय अफरा तफरी मच  गई जब गांव शहजादपुर के रहने वाले सुनील नाम के एक शख्स ने कोर्ट परिसर में जहरीला पदार्थ निगल लिया. आनन-फानन में सोनीपत पुलिस व उसके साथी उसे इलाज के लिए खानपुर पीजीआई ले गए. जहां पर उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. सुनील की जेब से पुलिस को एक दो पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला. जिसमें उसने इस कदम के पीछे 9 लोगों को जिम्मेदार ठहराया है. पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर 9 लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी.


सोनीपत के शहजाद पुर गांव का रहने वाला सुनील काफी लंबे समय से अपनी पैतृक जमीन पर अन्य लोगों द्वारा धोखाधड़ी करके लोन लेने का आरोप लगा रहा था. जिसकी शिकायत उसने सोनीपत डीसी ललित सिवाच से लेकर अन्य अधिकारियों तक दे रखी थी. हालांकि जिला कष्ट निवारण समिति की एक बैठक में सुनील ने यह मुद्दा हरियाणा के कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा के सामने भी रखा था और मूलचंद शर्मा ने इस पूरे मामले में एक जांच कमेटी गठन करने का आश्वासन दिया था.लेकिन सुनील को लगा कि उसको कहीं से भी न्याय नहीं मिल पाएगा और वह अपनी पैतृक जमीन को नहीं बचा पाएगा.

उससे आहत होकर उसने कोर्ट परिसर में जहरीला पदार्थ निगल लिया. सुनील ने इलाज के दौरान खानपुर पीजीआई में दम तोड़ दिया. सुनील ने 8 अप्रैल को मीडिया से बातचीत करते हुए अपना दुखड़ा बयां किया था. वहीं इलाज के दौरान सुनील ने अपने बयान भी पुलिस को दिए हैं. पुलिस ने सुनील की जेब से 2 पन्नों का एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है.अधिकारियों से बात की गई तो सभी ने चुप्पी साध ली. लेकिन इस मामले में आज सोनीपत में पहुंचे परिवहन मंत्री ने कहा है कि उनके संज्ञान में यह मामला आया है. पूरे मामले में जांच कमेटी गठित कर दी गई है और गलती किसी की भी हो अगर खामी पाई जाती है तो उस अधिकारी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी.