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हरियाणा में लागू होगा व्हीकल स्क्रैपिंग का यह नियम, राज्य में व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
 

जल्द ही हरियाणा में केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित वाहन स्क्रैप नीति लागू होने वाली है. इसी क्रम में परिवहन विभाग ने नीति का प्रारूप तैयार कर लिया है. जिसकी रिपोर्ट 10 दिनों में संबंधित विभागों द्वारा अध्ययन कर मुख्य सचिव को सौंप दी जाएगी. इस नीति को लेकर गुरुवार को मुख्य सचिव संजीव कौशल ने समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने बताया कि "इस नीति के माध्यम से राज्य में व्यापार को बढ़ावा मिलेगा. इसी कारण इस नीति पर काम किया जा रहा है, ताकि इसे जल्द अंतिम रूप दिया जाए और प्रदेश में सभी आवश्यक व्यवस्था की जाएं."

क्यों लागू की गई व्हीकल स्क्रैपिंग नीति

बता दें कि व्हीकल स्क्रैपिंग नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण फैलाने और खराब गुणवत्ता वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इस्तेमाल से हटाने की व्यवस्था तैयार करना है. इसी क्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नूंह जिले के फतेहपुर गांव में नई पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा का उद्घाटन किया था. यह देश का पहला ऐसा प्लांट है जिसमें आधुनिक तकनीक का उपयोग कर वाहनों से अधिकतम संख्या में घटकों को उबारने और पुन: उपयोग करने के लिए तैयार किया जाता है.

वाहनों की सुविधा के लिए जल्द लागू होगी नीति

गुरुवार को हुई बैठक में वाहनों की फिटनेस परीक्षण के ऊपर भी चर्चा की गई. जिसमें बताया गया कि पंजीकरण अवधि के अंत में वाहनों को फिटनेस परीक्षण से गुजरना पड़ता है. जहां वाणिज्यिक वाहनों को 10 वर्षों के बाद अनिवार्य परीक्षण वाहनों की सुविधा के लिए जल्द लागू होगी नीति

गुरुवार को हुई बैठक में वाहनों की फिटनेस परीक्षण के ऊपर भी चर्चा की गई. जिसमें बताया गया कि पंजीकरण अवधि के अंत में वाहनों को फिटनेस परीक्षण से गुजरना पड़ता है. जहां वाणिज्यिक वाहनों को 10 वर्षों के बाद अनिवार्य परीक्षण की आवश्यकता होती है, जबकि यात्री वाहनों के लिए इसे 15 साल निर्धारित किया गया है. इसलिए वाहनों की सुविधा को देखते हुए व्हीकल स्क्रैपिंग नीति को जल्द लागू किया जाएगा.की आवश्यकता होती है, जबकि यात्री वाहनों के लिए इसे 15 साल निर्धारित किया गया है. इसलिए वाहनों की सुविधा को देखते हुए व्हीकल स्क्रैपिंग नीति को जल्द लागू किया जाएगा.