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हरियाणा के किन्ही हिस्सो मे होगी झमाझम बारिश, मौसम विभाग ने किया अलर्ट जारी
 
काफी इंतजार के बाद अब क्षेत्र में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र आगे बढ़ जाने और टर्फ रेखा उत्तरी क्षेत्र में स्थित होने के चलते अब उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली आदि क्षेत्रों में मानसून की अच्छी बरसात देखने को मिल रही है। अब आने वाले कुछ दिन यही सिलसिला बने रहने की उम्मीद है।
इन राज्‍यों में भारी बारिश
मौसम का ताजा हाल परखें तो तेलंगाना, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश और तटीय कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा हुई है। वहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पश्चिम मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, कोंकण और गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, आंतरिक कर्नाटक और केरल में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा हुई जबकि पंजाब, हरियाणा पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, सौराष्ट्र व कच्छ आदि में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा हुई।
इन राज्‍यों में भीषण बारिश का अलर्ट
अब ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, असम, तमिलनाड़ू, तेलंगाना, विदर्भ व तटीय आंध्र प्रदेश के आस-पास के क्षेत्रों और दक्षिण छत्तीसगढ़ में 11 जुलाई को भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और तटीय कर्नाटक में 12 जुलाई को कमोबेश यही स्थिति रहेगी।
5 दिन होगी अच्‍छी बारिश
पूर्वानुमान है कि अगले पांच दिन में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में छिटपुट गरज या बिजली के साथ बारिश की अच्छी गतिविधियां देखने को मिलेंगी। उत्तर प्रदेश में अलग-थलग या बिखरी बारिश का दौर जारी रहेगा।
इन दो दिन पंजाब-हरियाणा में भारी बारिश
13 और 14 जुलाई को पंजाब में अलग-अलग जगह भारी वर्षा की संभावना है। 13 और 14 जुलाई को हरियाणा-चंडीगढ़, पश्चिम राजस्थान में तेज बारिश हो सकती है। 11 से 14 जुलाई की अवधि में पूर्वी राजस्थान में भी भारी वर्षा की संभावना है। इसके अलावा जम्मू और कश्मीर में 11 जुलाई को अलग-अलग जगह भारी वर्षा की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 13 जुलाई तक और उत्तराखंड में 14 जुलाई तक यह सिलसिला जारी रह सकता है। फिलहाल दो दिन उत्तराखंड में बहुत भारी वर्षा की संभावना भी लगातार बनी है।
यह है मौसम का मौजूदा हाल
दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में कम दबाव वाला क्षेत्र और संबंधित चक्रवाती परिसंचरण के साथ-साथ ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक स्तर तक फैला हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। मानसून टर्फ लगातार सक्रिय है और अपनी सामान्य स्थिति के दक्षिण में है। एक पूर्व-पश्चिम कतरनी क्षेत्र लगभग 20 डिग्री उत्तर के साथ चल रहस है। उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत में ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुके हुए निचले व मध्य क्षोभमंडल स्तरों और गुजरात के तट से उत्तरी केरल तट तक औसत समुद्र तल पर एक अपतटीय टर्फ रेखा चलती नजर आ रही है।