Yuva Haryana
इतिहास के पन्नों में दर्ज हरियाणा के गांव के लोग कर रहे हैं पिछले 9 दिन से आंदोलन, नहीं बना पा रहा प्रशासन
 

पूरे प्रदेश में जहां एक और तिरंगा यात्रा कुछ दिन पहले चलाई जा रही थी वही भिवानी के एक गांव में तिरंगा नहीं फहराया गया क्योंकि इस गांव की 1857 की क्रांति में जो जमीन नीलाम हुई थी आज भी वह कागजों में नहीं चढ़ी है और उसके लिए यहां के परिवार बेहद ही परेशान हो रहे हैं |


 दरअसल आपको बता दें कि है गांव इतिहास के पन्नों में दर्ज है क्योंकि 1857 की क्रांति में इस गांव की जमीने नीलाम हुई थी लेकिन उसके बाद इनकी जमीन ने इन्हें मिल तो गई लेकिन आज भी वह कागजों में नहीं चढ़ी है जिसके चलते अब पिछले 9 दिन से यहां के लोग धरना किए हुए हैं |


 इस गांव के किसान सरकार से पूरी तरह से नाराज चल रहे हैं क्योंकि उनके पास अपनी ही जमीन के कागज नहीं है हालांकि यहां के नायाब तहसीलदार ने भी इन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी और वे लगातार आंदोलन किए हुए हैं |


 आपको यह बता दें कि पिछले 9 दिनों से लगातार चलते इस आंदोलन में एक किसान की मौत भी हो चुकी है और उस किसान के घर में उसकी मौत के कारण हालात खराब हो गए हैं क्योंकि उसकी पत्नी का पहले ही देहांत हो चुका है और उसके बेटे की  बहू ने फिलहाल 1 महीने पहले ही एक बच्चे को जन्म दिया जिसके चलते वह भी अभी चल फिर नहीं सकती और उसका बड़ा बेटा दिव्यांग है जिसके चलते उनका परिवार बेहद ही परेशान भी है |


 लेकिन गांव के लोगों का कहना है कि पूरा गांव इनके परिवार के साथ खड़ा है और आंदोलन लगातार यह चल रहा है और यह आंदोलन जब तक चलता रहेगा जब तक की उनकी जमीन कागजों में नहीं चढ जाती चाहे और भी कितने ही लोगों की इस आंदोलन में बैठे-बैठे मृत्यु क्यों ना हो जाए |


लेकिन उसके बाद उन्होंने यह भी कहा कि इस आंदोलन में होने वाली मृत्यु का बड़ा कारण सरकार है जो उनकी अनदेखी कर रही है और उनकी अपनी जमीनों की कागजी कार्रवाई पूरी नहीं कर रही है जिसके चलते उन्होंने आंदोलन शुरू किया है |