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हरियाणा पुलिस में महिला और पुरुष कॉन्स्टेबल को नियुक्ति देने पर आगे भी जारी रहेगी रोक, हाई कोर्ट ने जारी किया फैसला
 

हरियाणा पुलिस में पुरुष और महिलाओं सिपाहियों के 6600 पदों पर चयनित आवेदकों की नियुक्ति पर तलवार लटक रही है। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने  नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक 29 जुलाई तक बढ़ा दी है। अब भर्ती परिणाम के सैंपल के निरीक्षण और नाम नॉर्मलाइजेशन परसेंटाइल फॉर्मूले की समीक्षा के बाद फैसला सुनाया जाएगा। याचिका दाखिल करते हुए 41 आवेदकों ने हाईकोर्ट को बताया था कि सिपाही भर्ती में नॉर्मलाइजेशन परसेंटाइल फार्मूला अपनाने से अच्छे अंक लेने वाला भी अंतिम सूची से बाहर हो सकता है । पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को आदेश दिया था, कि बगैर नॉर्मलाइजेशन परसेंटाइल फार्मूला अपनाएं हर शिफ्ट में 50 टॉपर में से मेरिट सूची तैयार की जाए। 

इसके बाद फार्मूला लगाया जाए और देखा जाए कि 50 टॉपर सूची में जगह बन पाती है। या नहीं शुक्रवार को अयोग्य जानकारी देने में नाकाम रहा इस पर हाईकोर्ट ने आयोग को फटकार लगाई और महिला सेवा भर्ती की 10 अभ्यर्थियों के परिणाम के सैंपल सौंपने का आदेश दिया। इन सिंपलों के निरीक्षण के बाद फैसला सुनाया गया। इस दौरान याची पक्ष ने कहा कि यदि चयनित लोगों को नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया तो याचिका का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा। इस पर हाईकोर्ट ने नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक 29 जुलाई तक बढ़ा दी है। कोर्ट ने कहा है कि अब हमारे सामने यह सवाल है कि यह फार्मूला अपनाना उचित है या नहीं। 13 दिसंबर 2020 को 5500 पुरुष सिपाही के पदों की भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था। इसमें आठ लाख 89 हजार युवाओं ने आवेदन किया था। सिपाही पुरुष भर्ती का पेपर 7 अगस्त 2021 को लीक हो गया था। 30 अक्टूबर 1 और 2 नवंबर 2021 को दोबारा लिखित परीक्षा हुई। परीक्षा में तीन लाख 89 हजार अभ्यार्थियों ने हिस्सा लिया इसके अलावा कद में माप को लेकर भी काफी संख्या में युवा हाई कोर्ट पहुंचे थे। 


पुरुष और महिला सिपाही भर्ती के परिणाम में नॉर्मलाइजेशन परसेंटाइल फॉर्मूले लगाने की चुनौती दी गई है। इसके जवाब में आयोग ने कोर्ट को बताया था कि भारतीय  सांख्यिकी       स्थान दिल्ली की सलाह पर यह फार्मूला अपनाया है। इस पर भारतीय सांख्यिकी संस्थान ने कोर्ट को बताया था कि फार्मूला अभी अपनाया जा सकता है। जब लिखित परीक्षा के बाद फाइनल मेरिट सूची बनाई गई थी लेकिन इस भर्ती में लिखित परीक्षा के बाद सामाजिक आर्थिक आधार पर मिलने वाले अंकों के अलावा शारीरिक परीक्षा के अंक भी जोड़ने हैं। यदि कोई ऑनलाइन परीक्षा कई दिनों में होती है तो उसमें हर दिन अलग-अलग पेपर आता है। अलग-अलग शिफ्ट में पेपर आसान और कठिन होता है। इसी शिकायत को दूर करने के लिए फार्मूला शुरू होगा । इस फार्मूले के तहत पेपर कितना कठिन है या इसका तरह किया जाता है। इस आधार पर अंक निर्धारित कर दिया जाते हैं। मान लीजिए परीक्षा के पहले दिन पेपर कठिन था तो अनुमान लगा लिया गया कि इस पेपर में यदि कोई 70 नंबर भी ले आए तो उसे तो नंबर मान लिया जाएगा। दूसरे दिन पेपर बहुत सरल था तो उसका उल्टा कर दिया जाएगा सो नंबर लाने वाले को 70 नंबर मान लिया जाएगा। इसी फार्मूले का विरोध कर रहे हैं। इसे हटाकर अंक के आधार पर परिणाम जारी करने की मांग कर रहे हैं।