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बेटा योद्धा है बोले नीरज चोपड़ा के पिता, चोट से उबर कर जीतेगा स्वर्ण पदक
 

नीरज चोपड़ा जो किए जाने माने शख्स हैं जिन्होंने भाला फेंककर रिकॉर्ड कायम किया साथ ही गोल्डब्वॉय कहलाए। यह खंडरा गांव के रहने वाले हैं। वैश्विक स्तर पर स्वर्णिका ओलंपिक उपलब्धियों के बाद नीरज चोपड़ा की नजर कॉमन वेल्थ गेम्स पर थी लेकिन नियति को शायद यह मंजूर ही ना था। आपको बता दें कि नीरज चोपड़ा की दाईं जांघ में चोट लग गई थी। जिसके चलते हैं उनको खुद को इस मंच से दूर करना पड़ा। वह बहुत ज्यादा विवश हैं यह छोटू ने ज्यादा दुख दे रही है। यह दर्द इतना ज्यादा है कि उन्हें अपने स्वजनों से साझा करना पड़ा।

नीरज चोपड़ा एक ऐसा योद्धा है जो की किसान परिवार से ही। उसके पिताजी किसान हैं जिनके नाम सतीश चोपड़ा है वह बताते हैं कि 2019 में मेरे चोपड़ा को दायिनी को में चोट लग गई थी जिसके चलते उसका खेल छूट गया था। खेल टूटने के कारण नीरज चोपड़ा विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग नहीं ले पाया था। इन सब कड़ियों में उसका परिवार चट्टान की तरह उनके साथ खड़ा रहा। बेटा स्वस्थ होकर मैदान में उतरा और देश के लिए ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीता। चोट तो खेल का हिस्सा है। नीरज योद्धा है। स्वस्थ होकर फिर से बेटा पदक जीतेगा। मां सरोज कहती हैं, वह माता रानी से यह प्रार्थना करती है कि बेटा नीरज स्वस्थ हो जाए और फिर से मैदान में उतरे। 

-वर्ष 2016 अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप में विश्व रिकार्ड के साथ स्वर्ण पदक।

-2017 में एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक।

-2018 में जकार्ता एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक।

-2018 में गोल्ड कोस्ट में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक।

-2021 में टोक्यो ओङ्क्षलपिक में स्वर्ण पदक।

-2022 में विश्व एथलेटिक्स में रजत पदक।


फोन पर अपने चाचा से पूछा-क्या करूं? चाचा ने हौसला देते हुए कहा, तुम नीरज हो। तुम्हारी प्रतिभा क्रीड़ा-सरोवर में कमल समान खिलती रही है। पहले ठीक हो जाओ, पदक तो फिर भी जीत लोगे।बता दें कि 28 जुलाई से शुरू होने वाले कामनवेल्थ गेम्स की भाला-फेंक प्रतिस्पर्धा में ओलिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा को पदक का अहम दावेदार माना जा रहा था। विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में पहले ही थ्रो के दौरान जांघ में ङ्क्षखचाव आ गया था। एमआरआइ स्कैन के बाद डाक्टरों ने उन्हें एक महीना आराम की सलाह दी है।

नीरज चोपड़ा जब बहुत मायूस थे तब उन्होंने मंगलवार को अपने चाचा को फोन किया जिनका नाम सुरेंद्र चोपड़ा है। जब उनसे बात की तो उन्होंने बताया की नीरज ने उन्हें कॉल किया था और पूछा की चाचा, में क्या करू। जब नीरज ने पूछा तो उन्होंने कहा की बेटा घबराओ मत। यह सब चोटी चोटी दिक्कत है बसे तो फैसला तुम्हारे हाथ में है लेकिन चोट का ठीक होना भी बहुत जरूरी है। यह गेम तो तुम दोबारा जीत लोग लेकिन स्वास्थ्य का  ठीक होना जरूरी है। जबकि नीरज के अनुसार, वह वर्ष 2018 कामनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। सिर्फ डायमंड लीग का पदक बाकी है। सितंबर में होने वाली इस स्पर्धा में पदक जीतने का लक्ष्य है।