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रेलवे में वरिष्ठ नागरिक को फिर से मिलने वाली है छूट, लेकिन एक बड़े बदलाव के बाद , जानिए क्या है होंगे नए बदलाब
 

भारतीय रेल में 1660 करोड़ रुपये के वित्त घाटे को बचाने के लिए वरिष्ठ नागरिकों की तय उम्र में बदलाव कर फिर से रियायती टिकट की सुविधा रेलवे देने की तैयारी कर रहा है। वरिष्ठ नागरिकों में महिला की 58 तो पुरुषों की 60 निर्धारित थी, लेकिन अब इस उम्र में बदलाव कर 70 किया जा सकता है। साथ ही रेलवे की कुछ क्लास में ही रियायती टिकट मिलें, इसके लिए नए विकल्प तलाशे जा रहे हैं।

रियायत की सुविधा देने का बढ़ रहा दबाव, उम्रसीमा में बदलाव कर कुछ क्लास में बंद रह सकती रियायत

कोरोना काल से फिलहाल यह सुविधा बंद पड़ी है। इसको शुरू करने को लेकर रेलवे पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है। कोरोना से पहले रेलवे 53 कैटगरी में टिकट पर रियायत मिलती रही हैं। इसमें वरिष्ठ नागरिकों का बड़ा वर्ग सफर करता, इसका खुलासा भी रेलवे आंकड़े में हुआ। सन 2019-20 में टिकटों में 2050 करोड़ रुपये की रियायत दी गई जिसमें से वरिष्ठ नागरिकों पर आंकड़ा 1660 करोड़ रुपये हैं।

ऐसे में 1660 करोड़ के वित्त घाटे को रेलवे सहन करने के मूड में नहीं हैं लेकिन इसमें बदलाव कर घाटे को कैसे कम किया जाये, इसको लेकर अधिकारी माथापच्ची में जुटे हैं। मौजूद समय केवल दिव्यांगजनों की 4 कैटगरी और मरीजों-छात्रों की 11 कैटगरी को ही टिकट पर रियायत मिल रही है।

2019-20 में रियायती टिकट में 2050 करोड़ रुपये में से वरिष्ठ नागरिकों का आंकड़ा 1660 करोड़ रहा

सूत्रों के अनुसार रेलवे को टिकट में रियायत देने से सन 2018-19 में 1 हजार 995 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था जो अगले साल ओर बढ़ गया था। यानी की 2019-20 में बढ़कर 2058 करोड़ रुपये हो गया था। इसी बीच कोरोना के कारण ट्रेनों का संचालन बंद हो गया और फिर आंकड़ा कम होते देख स्पेशल ट्रेनों को पटरी पर उतार दिया गया। इन स्पेशल ट्रेनाें में रियायती टिकट बंद कर दिए गए और बाद में कुछ श्रेणियों में सुविधा आरंभ कर दी गई। ऐसे में 2020-21 में घाटे का आंकड़ा बहुत कम यानी करीब 35 करोड़ के करीब रह गया। किंतु वरिष्ठ नागरिकों के लिये रियायती टिकट पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।

रियायती टिकट पर कैंची चलने से रेलवे की बढ़ी आमदनी

रियायती टिकट न जारी होने के कारण रेलवे की आमदनी बढ़ गई। मार्च 2020 से 31 मार्च 2022 के बीच ट्रेनों में यात्रा करने वाले 7.31 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों काे रियायती टिकट नहीं जारी किये गये। इनमें 60 साल से अधिक के 4 करोड़ 46 लाख पुरुष और 58 साल से अधिक की 2 करोड़ 84 लाख महिलाएं हैं।

वरिष्ठ नागरिकों के टिकट से 3 हजार 464 करोड़ रुपये की आमदनी की गई, इनमें रियायत न देने से 1500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी हुई। इनमें पुरुष यात्रियों के टिकट से 2 हजार 82 करोड़ रुपये की आमदनी हुई, जबकि महिलाओं के टिकट से 1381 करोड़ रुपये। बता दें कोरोना से पहले वरिष्ठ नागरिकों को टिकट पर 50 फीसद तक रियायत होती थी।