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हरियाणा का रोहतक भी देश विदेश में बिखेरेगा अपना जलवा, जानिए कैसे मिलेगा हजारों युवाओं को रोजगार, अब जूता उद्योग विकसित करने की है तैयारी
 

हरियाणा के रोहतक में रेल फैक्ट्री लगाने की योजना के साथ ही प्रदेश में अब जूता उद्योग विकसित करने की योजना भी तैयार की जा रही है। राज्य सरकार का कहना है कि रेल फैक्ट्री लगाने के बाद प्रदेश में बिजनेस करने वाले लोगों को बड़ा अवसर मिलेगा, साथ ही हजारों लोगों को रोजगार के अवसर भी प्रदान होंगे। रेल फैक्ट्री शुरू होने के बाद हरियाणा का पूरा नक्शा ही बदल जाएगा और इसके साथ ही विकास के कई नए रास्ते भी खुल जाएंगे। रेल फैक्ट्री के अलावा हरियाणा के रोहतक में जूता उद्योग को भी बड़े पैमाने पर विकसित करने की योजना की तैयारी जोरों शोरों से की जा रही है। रोहतक आईएमटी में मॉडर्न फुटवियर कलस्टर विकसित करने पर सरकार ने भी सहमति का प्रदर्शन किया है इस फैसले से हरियाणा में खुद का जूता उद्योग विकसित हो सकेगा साथ-साथ लोगों के लिए नौकरियों में भी काफी संभावनाएं उत्पन्न हो जाएंगी।  

माना जा रहा है कि फुटवियर विकसित होते ही हरियाणा के जूता उद्योग से ना केवल सरकारी खजाने को राजस्व मिलेगा, बल्कि हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे। इससे कई लाभ एक साथ होने की संभावना है इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता। फुटवियर कलस्टर से जहां जूता उद्योग को प्रशिक्षित लेबर मिलेगी वहीं यूपी के आगरा के बाद हरियाणा का रोहतक भी देश विदेश में अपना जलवा बिखेर सकेता है। हाल ही में हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बहादुरगढ़ में दौरा कर चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज तथा फुटवियर पार्क एसोसिएशन को सरकार के इस फैसले से रूबरू करवाया है।  इस मौके पर उन्होंने उद्योगपतियों से सीधी बातचीत की तथा उनकी समस्याओं को सुनकर उनपर विचार भी किया। चौटाला ने फुटवियर डिजाईन इंडस्टीयूट का निरीक्षण किया तथा जूता उद्योग को विकसित करने की संभावनाओं पर उद्योगपतियों से बातचीत की। 


दुष्यंत चौटाला ने उद्योगपतियों से कहा कि प्रदेश के उद्योगों को बढ़ाने में वह अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। इसमें सरकार द्वारा संचालित आईटीआई के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए अपने सीएसआर फंड का उपयोग भी कर सकते हैं।  उद्योगपतियों को आईटीआई में रुचि लेकर युवाओं को समय-समय पर कौशल विकास से संबंधित बातें शेयर करनी चाहिए, ताकि वहां से उनके हिसाब से कुशल श्रमिक तैयार हो सके जिसका सीधा लाभ उद्योगपतियों को मिलेगा और जब वह यह युवक आईटीआई में प्रशिक्षण लेकर निकलेंगे तो उन्हें यह पता होगा कि वह किस उद्योग में ज्वाइन करने जा रहे हैं और इसके बारे में उन्हें पूरा ज्ञान हासिल क्या हुआ है। इसका लाभ यह होगा कि उद्योगपति अपनी लेबर के लिए किसी अन्य प्रदेश पर निर्भर नहीं रह सकेंगे और उन्हें अपने ही राज्य में प्रशिक्षित श्रमिक भी उपलब्ध हो जाएंगे।

जिन्हें काम पर आने से पहले ही अच्छा खासा अनुभव प्राप्त होगा यह ना केवल प्रदेश के लिए ही बल्कि उद्योग और श्रमिक जगत के हित में भी कार्य करेगा डिप्टी सीएम ने उद्योगपतियों से अपील करते हुए कहा है, कि इंडस्ट्री एसोसिएशन अपने क्षेत्र की आईटीआई को गोद ले तथा स्थानीय युवाओं को कौशल विकास से इंडस्ट्रीज के लिए श्रम शक्ति के तौर पर तैयार करें। ताकि उनकी सभी समस्याएं अपने आप समय पर दूर हो जाए उन्होंने कहा कि वह हरियाणा के पानीपत और गुरुग्राम में उद्योग जगत से इस संदर्भ में पहले ही संवाद कर चुके हैं और संभावना है कि सकारात्मक परिणाम ही सामने आएंगे।  इस अवसर पर उद्योग जगत में भी डिप्टी सीएम के इस सुझाव को ध्यान पूर्वक सुने और उन्हें विश्वास दिलाया है, कि इस दिशा में वह गंभीरता से विचार करेंगे।