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एक बार फिर बड़ा अशोक खेमका और संजीव वर्मा का विवाद, अनिल विज ने खेमका के खिलाफ मामले की जांच मंजूरी से किया इनकार
 
हरियाणा के दो आईएएस अधिकारियों अशोक खेमका और संजीव वर्मा की कहानी में एक नया मोड़ आ गया है। उन्होंने एक दूसरे के विरुद्ध पंचकूला थाने में एफआईआर दर्ज कर दी है। और इसी को मद्देनजर रखते हुए अनिल विज ने इस पर बड़ा कदम उठाया है अनिल विज ने अशोक खेमका के खिलाफ जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अनुमति से इनकार कर दिया है और कहां है, कि केस दर्ज करने से पहले मंजूरी क्यों नहीं ली गई। आईएएस अधिकारी अशोक खेमका व संजीव वर्मा ने एक दूसरे के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करने के बाद हाईकोर्ट पहुंच गए हैं और मामला हाई प्रोफाइल का होने की वजह से पंचकूला पुलिस ने अब इस केस में राज्य सरकार से निर्देश मांगे हैं। कहां है कि अशोक खेमका व संजीव वर्मा की एफ आई आर में जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अनुमति अब राज्य सरकार से मांगी गई।
गृह मंत्री अनिल विज ने पुलिस को अशोक खेमका के खिलाफ दर्ज एफआईआर में जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मंजूरी से साफ इनकार कर दिया है और कहां है कि पुलिस को एफ आई आर दर्ज करने से पहले ही राज्य सरकार से अनुमति मांगी चाहिए थी लेकिन करने के बाद जांच को आगे बढ़ाने की अनुमति मांगने का कोई औचित्य था ही नहीं। इस केस हाईकोर्ट ने दर्ज एफआइआर पर स्टे करने से इनकार कर दिया। और पुलिस को इसी शर्त के साथ जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को कहा कि किसी भी अधिकारी को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा और यह मंत्री द्वारा विभिन्न दलों के आधार पर संजीव वर्मा के विरुद्ध एफआइआर में जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मंजूरी देने की बात सामने आ गई है।
गृह मंत्री अनिल विज ने यह भी कहा कि और कर्मचारियों की नियुक्ति को गलत ठहराया गया था उन्हें उसी समय बर्खास्त किया जा चुका था और नियुक्तियों में अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद वह खेमका अपनी उस पुरानी रिपोर्ट को सामने ले आए जिसमें उन्होंने संजीव वर्मा पर समाज कल्याण विभाग के निर्देशक रहते हुए सरकारी सुविधाओं का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।