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हरियाणा में नई होम स्टे नीति, ऐतिहासिक स्थल राखीगढ़ी में ग्रामीणों को दिए जाएंगे लाइसेंस
 

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राखीगढ़ी में संरक्षित साइट की खुदाई के कार्य को तेज गति से पूरा किया जाए। साथ ही इन ऐतिहासिक साइट की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए ताकि कोई व्यक्ति इन साइट को नुकसान न पहुंचा पाए।

हरियाणा सरकार की ओर से इस कार्य में हर संभव सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश आज राखीगढ़ी में निर्माणाधीन म्यूजियम भवन में इस क्षेत्र को पुरातत्व स्थल के रूप में विकसित करने के संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए दिए। बैठक में विकास एवं पंचायत मंत्री श्री देवेंद्र बबली भी उपस्थित रहे।

Manohar Lal Khattar
सीएम खट्टर ने कहा कि राखीगढ़ी का ऐतिहासिक महत्व है, इसलिए इन माउंट की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए पुलिस महानिदेशक से बात कर यहां पर पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण भी अपनी ओर से प्राइवेट गार्ड की तैनाती सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि संरक्षित क्षेत्र में मिट्टी की खुदाई न हो यह भी सुनिश्चित किया जाए।

विस्थापितों के पुनर्वास के लिए दीर्घकालीन पुनर्वास नीति की जाए तैयार

मुख्यमंत्री ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राखीगढ़ी के सभी 11 माउंट के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि विस्थापितों के पुनर्वास के लिए एक दीर्घकालीन पुनर्वास नीति तैयार की जाए। नीति बनाते समय यह अवश्य ध्यान रखा जाए कि ऐसे परिवारों की आवासीय सुविधा के साथ-साथ उनके आजीविका के साधन भी सुनिश्चित हो।

पुनर्वास के लिए स्थानीय विधायकों, पंच - सरपंचों के सहयोग से ग्रामीणों से बातचीत कर उनके लिए व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे विस्थापित परिवारों, जो पशुपालन का काम करते हैं, उनके लिए पंचायत और पशुपालन विभाग संयुक्त रूप से एक योजना बनाएं।

इसके तहत, पंचायत की जमीन पशुपालन विभाग को पट्टे पर दी जाए और पशुपालन विभाग इस जमीन पर 10 - 20 पशुओं के लिए संयुक्त शेड या अलग-अलग छोटे शेड का निर्माण करें। तदानुसार इन शेड को ऐसे परिवारों को पशुओं के लिए दिया जा सकता है।