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हरियाणा के विधायको को धमकी देने वाले मामले में नया खुलासा, कौन बनानेगा करोड़पति गिरोह से है संबंध
 

हरियाणा के कई विधायकों को पिछले दिनों मिलीं धमकियों के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांंच में पता चला है कि हरियाणा के इन विधायकों को धमकियां टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति के नाम पर ठगी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह ने दी थीं। 

हरियाणा की स्पेशल टास्क फोर्स ने चार लोगों को बिहार और दो लोगों को मुंबई से गिरफ्तार किया 

दरअसल, हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने बिहार और महाराष्ट्र से जिन छह लोगों को गिरफ्तार किया है, उनके तार लाटरी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गैंग से जुड़े हुए हैं। इस गैंग की जड़ की पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में है। भारतीय लोगों को यह गिरोह फिल्म स्टार अमिताभ बच्चन के कौन बनेगा करोड़पति शो के लिए चयन होने के नाम पर ठगते हैं।

विधायकों को धमकी देने वाला अभी पाकिस्तान में, एसटीएफ को पता चले नए राज

ऐसे लोगों से विभिन्न बैंक खातों में रकम एडवांस मंगवाई जाती है। यह अधिकतर बैंक खाते उन लोगों के हैं, जिनके रिश्तेदार दुबई में काम करते हैं। दुबई में काम करने वाले लोगों से पैसा नगद में ले लिया जाता है और भारत में जो पैसा धोधाधड़ी से कमाया जाता है, उसमें से कुछ पैसे को दुबई में काम करने वाले लोगों के रिश्तेदारों को दे दिया जाता है। बाकी पैसा इस गैंग द्वारा अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिया जाता है।

अंतरराष्ट्रीय गैंग के लिए काम करने वाले महाराष्ट्र और बिहार के इन लोगों ने दोहरी कमाई की मंशा से प्रभावशाली लोगों को धमकियां देने का नया धंधा शुरू किया है। आशंका जताई जा रही है कि हरियाणा के चार विधायकों से इसी गैंग के सदस्यों ने फोन कर फिरौती की रकम मांगी है। स्पेशल टास्क फोर्स इन सभी छह अपराधियों को पकड़कर हरियाणा ले लाई है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। एसटीएफ ने चार लोग बिहार से और दो मुंबई से पकड़े हैं, जिनमें एक व्यक्ति उत्तर प्रदेश का रहने वाला है।

दुबई में काम करने वाले लोगों के रिश्तेदारों के बैंक खातों को बनाया जा रहा पैसा वसूलने का जरिया

हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स विधायकों को धमकी देने के मामले में तार जोड़ते हुए इस गैंग तक पहुंची है। इनके कब्जे से भारी मात्रा में अकाउंट नंबर, डेबिट कार्ड, सिम कार्ड, बैंकों की पास बुक, आधार कार्ड और पेन नंबर मिले हैं। चूंकि एक बैंक अकाउंट में पैसे मंगवाने के लिए एक सिम कार्ड की जरूरत होती है, इसलिए इस गिरोह के सदस्यों के पास बहुत अधिक मात्रा में सिम होने की आशंका है, जिनकी बरामदगी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।

हरियाणा के चार विधायकों सुरेंद्र पंवार, सुभाष गांगोली, रेणुबाला व संजय सिंह को दुबई के नंबर से काल आई थी, जो पाकिस्तान में संचालित हो रहा था। इस नंबर को आपरेट करने वाले व्यक्ति को ढूंढते हुए एसटीएफ बिहार के मुजफ्फरपुर और महाराष्ट्र के मुंबई तक पहुंची थी, लेकिन एसटीएफ को प्रत्यक्ष रूप से वह व्यक्ति तो नहीं मिला, लेकिन उस व्यक्ति से जुड़े अन्य सदस्य जरूर मिल गए हैं।

इन पकड़े गए छह अपराधियों के जरिये एसटीएफ विधायकों को धमकी देने वाले व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह में पाकिस्तान के लोग अधिक शामिल बताए जा रहे हैं। विधायकों को धमकी देने वाले व्यक्ति के भी पाकिस्तान में ही होने की आशंका है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय सीमा की बाधाओं के चलते संबंधित अपराधी को पकड़ने में पुलिस को देरी हो रही है।

भारतीय खाताधारकों को पैसों की एवज में दिया जा रहा कमीशन

एसटीएफ के मुखिया ने हरियाणा के सीआइडी चीफ आलोक कुमार मित्तल को जो रिपोर्ट दी है, उसके आधार पर पाकिस्तान व दुबई से संचालित गैंग के सदस्यों ने भारत में विभिन्न ऐसे लोगों से संपर्क साधा हुआ है, जो इस बात पर राजी हो जाते हैं कि उनके खाते में मोटी रकम आएगी, लेकिन वह रकम उन्हें गिरोह द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले खातों में ट्रांसफर करनी होगी।

इसकी एवज में भारतीय खाताधारक व्यक्ति को कुछ रकम कमीशन के तौर पर दी जाती है। पाकिस्तान, भारत और दुबई के अपराधियों का यह गिरोह पहले काल सेंटर बनाकर लोगों को ठगने का काम करता था, लेकिन अब काल सेंटर से आने वाली काल पर चूंकि लोग ज्यादा विश्वास नहीं करते, इसलिए इस गिरोह के सदस्यों ने सम्मानित व प्रसिद्ध व्यक्तियों को फोन कर उन्हें धमकियां देने तथा फिरौती मांगने का नया धंधा चालू किया है।

दुबई से ऐसे चल रहा खातों में पैसों के लेनदेन का धंधा

उत्तर प्रदेश, बिहार व महाराष्ट्र समेत विभिन्न राज्यों के लोग दुबई में काम करने गए हुए हैं। वहां वे जो भी पैसा कमाते हैं, उन्हें अपने घर भेजना होता है। आनलाइन पैसा ट्रांसफर के चूंकि पैसे कटते हैं, इसलिए इस गिरोह के सदस्य ऐसे लोगों से कहते हैं कि उन्हें अपने घर जितना पैसा भेजना है, उतना पैसा दीरहम (दुबई की करेंसी) में उन्हें दे दें।

इसके बदले में वह उतनी ही रकम भारत के उनके रिश्तेदार के खाते में भेज देंगे। तब दुबई में काम करने वाले लोग इस गिरोह के सदस्यों को अपने रिश्तेदारों के अकाउंट नंबर उपलब्ध करा देते हैं। भारत में जो पैसा लाटरी सिस्टम के जरिये आता है, उस पैसे को इन्हीं खातों में भेजने के लिए कहा जाता है। उसमें से हिस्से का पैसा लौटाकर बाकी नगद दे लिया जाता है। इस काम में भी वह मोटा पैसा कमा रहे हैं। इन्हीं बैंक अकाउंट का अन्य पैसा मंगवाने में दुरुपयोग किया जाता है।