Yuva Haryana
उपद्रवी नही कर पायेंगे अब रेलवे के सामान नहीं उखाड़ पायेंगे पटरी ना लगा पाएंगे ट्रेनों को आग, रेल मंत्रालय का आदेश
 

देश में कोई भी आंदोलन हो तो उपद्रवियों का सबसे पहले आसान टारगेट रेलवे की पटरी उखाडऩा और ट्रेन के डिब्बों को आग लगाना होता है। रेलवे ने ऐसी घटनाओं से सबक लिया है। अब रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेलवे सुरक्षा बल स्पेशल फोर्स (आरपीएसएफ) के रंगरूटों की हरियाणा के जगाधरी में नौवीं बटालियन में कमांडो का प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है।

बीएसएफ, सीआरपीएफ जैसे ट्रेनिंग सेंटरों से प्रशिक्षण लेकर आए कोरस कमांडो की भी ट्रेनिंग जगाधरी में ही हो रही है। यहां से ट्रेनिंग के बाद ही इन कमांडो को अति संवेदनशील और संवेदनशील इलाकों में ड्यूटी लगाई जा रही है। 35 वर्ष आयु के बाद इन कमांडो को आरपीएसएफ में भेज दिया जाता है। उल्लेखनीय है कि देश भर में रेल नेटवर्क चार दिशाओं से खुला है और इसी कारण से उपद्रवी के लिए यह आसान टारगेट है।रेलवे सुरक्षा बल और रेलवे सुरक्षा बल स्पेशल फोर्स (आरपीएसएफ) होने के बावजूद उपद्रवी और आतंकी रेलवे संपत्ति को निशाना बनाने लगे .

तो रेलवे को चिंता हुई। इसे रोकने के लिए कोरस (कमांडोज फार रेलवे सेफ्टी) का गठन किया गया जिसका मुख्य उद्देश्य नुकसान, उपद्रव, गाड़ी संचालन में अवरोध, रेल क्षेत्र में आपदा संबंधी स्थितियां या फिर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ड्यूटी करना था। इसके अलावा वामपंथी अतिवादियों, उग्रवादियों जैसे तत्वों से बढ़ती जा रही धमकियों को देखते हुए इस कमांडो यूनिट का गठन किया गया।करीब साढ़े छह सौ कमांडो को ट्रेंड किया गया, जिनको देश में एनएसजी, सीआरपीएफ फोर्स वन, सीटीजेडब्ल्यूसी (कांकेर) , नेपा जैसे प्रशिक्षित कमांडो और अनुभवी प्रशिक्षकों के बड़े पूल, जहां कुछ प्रीमियर प्रशिक्षण केंद्रों में कमांडो प्रशिक्षण दिया गया। इसकी कोई सीधी भर्ती नहीं होगी, जबकि तीस साल से कम आयु के कांस्टेबल, सब इंस्पेक्टर कमांडो होंगे, तो हेड कांस्टेबल पैंतीस साल से कम होंगे।

इन सभी को आरपीएसएफ से लिया गया है।कोरस में जवानों का कार्यकाल तीन साल का ही रहेगा। ऐसे में जब इनकी वापसी आरपीएफ या आरपीएसएफ में होगी, तो जिन गाडिय़ों में डकैती या अन्य बड़ी वारदातें हो रही हैं, उनमें इन की ड्यूटी लगाई जाएगी। हाई अलर्ट के दौरान भी संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग की ड्यूटी रहेगी। ऐसे में कोरस का अपना ट्रेनिंग सेंटर न होने के कारण दूसरे सेंटर पर प्रशिक्षण लेना पड़ता है।कोरस के लिए ट्रेनिंग सेंटर उपलब्ध करवाने के लिए रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने तीस करोड़ रुपये की घोषणा की है। यह आरपीएफ कमांडो ट्रेनिंग सेंटर जगाधरी में स्थापित किया जाएगा। इसके बाद कोरस के कमांडो को इसी सेंटर में ट्रेनिंग दी जाएगी।