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कुलदीप बिश्नोई जल्द ले सकते हैं भाजपा में एंट्री, लग सकता है कांग्रेस को बड़ा झटका
 
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की उम्मीदें पर पानी फेराने वाले आदमपुर के विधायक कुलदीप बिश्नोई ने कांग्रेस छोड़ने के बाद पार्टी में कोई बड़ा गैरजाट चेहरा नहीं होगा संकेत मिले हैं। कि कुलदीप राष्ट्रपति चुनाव के बाद कांग्रेस को अलविदा कह देंगे और भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो जाएंगे माना जा रहा है, कि कुलदीप बिश्नोई राजस्थान के विधानसभा चुनाव में सक्रिय होंगे और भाजपा का बड़ा चेहरा होंगे राजस्थान में 30 विधानसभा सीटें ऐसी हैं जो विश्नोई बहुमूल्य है। इन सभी विधानसभा सीटों पर कुलदीप विश्नोई और तीन बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रह चुके उनके पिता भजनलाल का मजबूत प्रभाव माना जाता है। राजस्थान में आज भी भजनलाल को सम्मान के बाद याद किया जाता है। 
अपने पिता के राजनीतिक वारिस कुलदीप बिश्नोई हरियाणा के साथ-साथ राजस्थान की राजनीति में खासे सक्रिय रहते हैं। ऐसे में भाजपा ने कुलदीप को अपनी पार्टी में शामिल कराने की रणनीति बनाकर पहले राजस्थान और उसके बाद हरियाणा में राजनीतिक लाभ लेने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। हिसार और भिवानी के सांसद रह चुके कुलदीप बिश्रोई अभी तक कांग्रेस का बड़ा गैर जाट चेहरा थे, लेकिन उनके भाजपा में शामिल होते ही कांग्रेस जहां इस चेहरे से वंचित हो जाएगी। वहीं भाजपा को राजस्थान और हरियाणा में फायदा मिलेगा । कांग्रेस के पास हरियाणा में अभी तक भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रणदीप सिंह सुरजेवाला और किरण चौधरी के रूप में जाट चेहरे ही बचे हैं। कुमारी सैलजा हालांकि गैर जाट हैं, लेकिन उनकी पहचान दलित बाहुल्य क्षेत्रों में है। ऐसे में कांग्रेस कुलदीप के रूप में बड़ा गैर जाट चेहरा खोने जा रही है और भाजपा पाने जा रही है।
रविवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ कुलदीप बिश्नोई की लंबी बातचीत में राजस्थान और हरियाणा के चुनाव पर लंबी चर्चा हुई इसी बातचीत के दौरान तय हुआ कि कुलदीप बिश्नोई राष्ट्रपति चुनाव के बाद कांग्रेस को स्वयं ही अलविदा कह देंगे। यही माना जा रहा है कि राष्ट्रपति चुनाव में कुलदीप भाजपा उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू को अपना वोट देंगे। उन्हें पहले भाजपा में शामिल कराकर पार्टी अपना एक वोट खराब नहीं करना चाहती, इसलिए कुलदीप को इस चुनाव के बाद ही कांग्रेस को विधिवत रूप से अलविदा कहने को कहा गया है। 
हिसार जिले के आदमपुर विधानसभा हलके से कुलदीप चार बार विधायक निर्वाचित हुए हैं उन्होंने ढाई महीने पहले ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर चौधरी उदयभान की ताजपोशी के विरोध में बगावती तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे। राहुल गांधी ने उन्हें मिलने का समय नहीं दिया था।इसी वजह से कुलदीप ने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार अजय माकन की बजाय सत्तारूढ़ भाजपा-जजपा गठबंधन द्वारा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी कार्तिकेय शर्मा को अपना वोट डाला था। ऐसा करने पर कांग्रेस हाईकमान कुलदीप को कांग्रेस कार्यसमिति के पद से हटा चुकी है, जिसके बाद कुलदीप कांग्रेस नेतृत्व पर पूरी तरह से हमलावर हो गये थे।