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कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के सदस्यीय भारतीय दल की हुई घोषणा, नीरज चोपड़ा, पीवी संधू, मीराबाई चानू जैसे बड़े नाम हुए शामिल
 
अब कॉमनवेल्थ गेम्स का काउंटडाउन बस शुरू ही होने वाला है। इसके लिए अब 2 दिन बचे हुए हैं 28 जुलाई से।इंग्लैंड के बर्मिंघम में कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत हो जाएगी और इससे पहले 8 अगस्त तक चलने वाले इस गेम्स में भारत को पदक की उम्मीद है। जिसके बाद हरियाणा के खिलाड़ियों का नाम सबसे ऊपर है। भारत के सभी खिलाड़ियों का यही सपना है कि इस बार भारत के नाम ज्यादा से ज्यादा मेडल आए जिसमें जैवलिन, बॉक्सिंग बैडमिंटन, हॉकी , कुश्ती, महिला क्रिकेट पदक की उम्मीद बनी हुई है। वही नीरज चोपड़ा, सुमित कुंडू, आशु मलिक ,बजरंग पुनिया, रवि कुमार, विनेश फोगाट, साक्षी मलिक अमित का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है।
 पानीपत के गांव खंडरा में किसान परिवार में 24 दिसंबर 1997 को नीरज का जन्म हुआ था। वही देना चोपड़ा ने अमेरिका के यूजीन में विश्वत लिस्ट चैंपियन में पदक जीता था और रजत पदक जीतकर नीरज ने साफ कर दिया था कि कॉमनवेल्थ में मेडल उनके नाम ही होगा। 14 जून 2022 को नीरज चोपड़ा ने 89.30 मीटर दूर भाला फेंक कर अपना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया। जिसके बाद खेलों में स्वर्ण पदक जीता और 30 जून को स्टॉकहोम में डायमंड लीग में 89. 94 दूर तक भाला फेंक कर अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ कर रजत पदक अपने नाम किया। नीरज ने टोक्यो ओलंपिक के दौरान गोल्ड मेडल और एशियन गेम्स 2018 के दौरान गोल्ड मेडल, कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में गोल्ड मेडल एशियन एथलीट चैंपियन 2017 में भी गोल्ड मेडल 2016 में गोल्ड मेडल साउथ एशियन गेम्स 2016 में गोल्ड मेडल और एशियन जूनियर चैंपियन 2016 में सिल्वर मेडल अपने नाम कर चुके हैं।
उसके बाद आते हैं इंटरनेशनल बॉक्सर सुमित कुंडू जिसने पिछले करीब 10 सालों से ही आयरलैंड में रहकर अभ्यास कर रहे हैं। वह रोजाना 5 घंटे तक अभ्यास करते हैं और उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में 72 किलोग्राम भार वर्ग में खेलेंगे। जो पिछले डेढ़ साल से सीनियर वर्ग में खेल रहे हैं। उन्होंने लगभग 12 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भाग लिया है और केवल दो ही में उन्हें मुक्केबाज हरा पाए हैं। वह अपना राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दम दिखा चुके हैं। 20 वर्ष सही सुमित पिछले साडे 8 साल से बॉक्सिंग के रिंग में है।
अगर पहलवान बजरंग पुनिया की बात करें तो वह ओलंपिक में कांस्य पदक जीता हुआ है और वह सोनीपत में रहकर कॉमनवेल्थ में भी पदक की उम्मीद कर रहे हैं। हरियाणा के पहलवान इस बार गेम्स में पदक के दावेदार रहेंगे और ओलंपिक अमेरिका में प्रैक्टिस कर रहे हैं।
सोनीपत के खिलाड़ी रवि भैया ने अपना नाम ओलंपिक में हर जगह रख दिया है। वह अपने विरोधियों पर हमेशा भारी पड़ जाते हैं। साथ ही उन्होंने सिल्वर मेडल भी अपने नाम करे हुए हैं और इस बार उनसे पदक की उम्मीद जताई जा रही है।
पुरुष हॉकी टीम कॉमनवेल्थ गेम के सुरेंद्र खेल रहे हैं और उन्होंने 41 साल बाद पदक जीतकर विश्व भर में भारतीय हॉकी टीम का सिर ऊंचा किया वह न सिर्फ बोल रोल करते हैं बल्कि उन्होंने गोल भी करें हैं और हॉकी टीम कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए सोना देश के नाम जरूर करेंगे।