Yuva Haryana
मानेसर क्षेत्र में अधिग्रहित की गई 1810 एकड़ भूमि के मामले में सरकार विशेष पॉलिसी बनाने को तैयार, लेकिन ग्रामीणों की सहमति जरूरी - मुख्यमंत्री मनोहर लाल
 

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज कहा कि सरकार को लगता है कि गुरुग्राम में इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) मानेसर के विस्तार के लिए अधिग्रहित की गई 1810 एकड़ जमीन के भूमालिकों को आज के समयानुसार और अधिक लाभ मिलना चाहिए। उसके लिए सरकार स्पेशल पॉलिसी बनाने को तैयार है लेकिन नई पॉलिसी ग्रामीणों की सहमति से ही बनेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि यह केस लंबे समय से कोर्ट में था और अब सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है। अब केवल इतना ही भेद रह गया है कि वर्ष 2010 में अधिग्रहण के समय रेट बहुत कम थे जिस पर सरकार को भी लगता है कि किसानों को वर्तमान समय के हिसाब से और अधिक लाभ मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री रविवार को गुरूग्राम जिला के सिविल लाइन्स स्थित स्वतंत्रता सेनानी जिला परिषद् भवन में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहे थे।

मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा अवैध खनन संबंधी पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में शिकायतें निरंतर मिल रही हैं जिस पर संबधित विभाग द्वारा तुरंत एक्शन लिया जा रहा है। पिछले दिनों मिली एक शिकायत के आधार पर उसी दिन रात को एक जगह 05 गाड़ियों (डंपर) व क्रेन्स को इम्पाउंड किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोर्ट के आदेश के अनुसार खनन कार्यों पर प्रतिबंध है इसलिए कहीं भी खनन नही होने दिया जाएगा।

पत्रकारों द्वारा भाजपा नेत्री सोनाली फोगाट की मौत की जांच सीबीआई से कराने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विषय गोआ सरकार का है। हरियाणा सरकार भी चाहती है कि इस केस की सीबीआई जांच हो। इसके लिए हरियाणा सरकार के गृह विभाग व मुख्यमंत्री ने स्वयं भी गोआ सरकार को पत्र लिखा है।

गोआ पुलिस अभी इस पूरे मामले की जांच कर रही है जिस पर उन्होंने कहा है कि एक बार हमारी जांच पूरी हो जाए, उसके बाद भी यदि सोनाली फौगाट का परिवार जांच से संतुष्ट नही होता है तो मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जा सकती है।

अध्यापकों के ऑनलाइन ट्रांसफर के संबंध में पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि अध्यापकों और विद्यार्थियों के अनुपात को सही करने के लिए रेशनलाइजेशन किया गया है। उन्होंने बताया कि न्यायालय का फैसला आया था कि पहले टीजीटी और पीजीटी के तबादले किए जाएं, उसके बाद गैस्ट टीचर्स के तबादले हों।

अब टीजीटी और पीजीटी के तबादले हो चुके हैं और 8 हजार गैस्ट टीचर्स के भी तबादले आज शाम या कल तक हो जाएंगे जिसके बाद विद्यालयों में अध्यापकों की कमी नही रहेगी।