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हरियाणा नगर निगम चुनाव में कई नेताओं के गढ़ हिले, कांग्रेस विधायकों के इलाके में गठबंधन और आजाद उम्मीदवारों ने की जीत फतेह
 

हरियाणा नगर निगम चुनाव में कई दिग्गजों के गढ़ टूट गए. राज्य के कुल 43 विधायकों में विधानसभा क्षेत्र की नगर परिषदों और नगर पालिकाओं के लिए चुनाव हुए, लेकिन करीब 25 विधायकों के गढ़ टूट गए और एक बड़ी उथल-पुथल मच गई.

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के चुनावी जिले करनाल में सबसे बड़ा उलटफेर हुआ, जहां भाजपा ने चार में से केवल एक नगरपालिका जीती. 2 पर निर्दलीय और एक पर कांग्रेस ने जीत हासिल की. हरियाणा के ऊर्जा मंत्री रणजीत चौटाला के कट्टर समर्थक दीपक गाबा के लिए रणजीत सिंह ने खुद तीन दिन तक शहर में कई जनसभाएं कीं, लेकिन वह अपने समर्थक को नहीं जीत सके.

एलेनाबाद उपचुनाव में अभय चौटाला फिर जीते. नगर निगम चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी प्रत्याशी के बीच मुकाबला था और कांग्रेस प्रत्याशी की जीत हुई, लेकिन इनेलो प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहा. पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी ने हरियाणा में बड़े जोश के साथ चुनाव प्रचार में कदम रखा था. आप अकेली थी जिसके उम्मीदवारों ने कुरुक्षेत्र में आम आदमी पार्टी की रैली की थी. आप ने 48 नगर निकाय चुनाव चुनाव चिह्न पर लड़ा था, लेकिन उसे सिर्फ एक नगर निगम की सीट मिली है.

हरियाणा कांग्रेस के 31 विधायक हैं. कांग्रेस के 15 विधायकों के इलाकों में नगर निगम के चुनाव हुए, लेकिन सिर्फ 2 विधायक ही अपना गढ़ बचाने में कामयाब रहे. बाकी 13 विधायकों के गढ़ में बीजेपी और निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की. बीजेपी के 6 विधायकों के गढ़ में निर्दलीय और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की.

 महम में निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू की सीट पर बीजेपी-जेजेपी समर्थित उम्मीदवार ने जीत हासिल की. कैथल राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला का गृह जिला है, जहां बीजेपी उम्मीदवार ने जीत हासिल की.