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अगर आप भी जा रहे हैं गुरुग्राम की इन सड़कों पर तो हो जाए सतर्क, तेज गति पर चल रहे वाहन का हो सकता है चलान
 

दिल्ली से सटे गुरुग्राम में सड़क हादसों की गिनती बढ़ती जा रही है।ऐसे में अब प्रशासन भी एक्शन लेती हुई नजर आ रही है। दिल्ली से सटे गुरुग्राम में पहले सभी गाड़ियां 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाई जाती थी उनको अब घटाने की बात की जा रही है। इसको लेकर जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है। अब अंदरूनी सड़कों पर वाहन अधिकतम 30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेंगी |  जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस बैठक कर इस पर निर्णय लेगी की कब से इसका चयन कर गति सीमा घटाई जाएगी। इसके अलावा कुछ सड़कों पर गति सीमा तय नहीं है,उनको भी तय किया जाएगा।

सड़क सुरक्षा संगठन से जुड़े नवदीप सिंह ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का कारण तेज रफ्तार में चलने वाले वाहन है। इसके अलावा भी कई चीजें हैं जिनकी वजह से सड़क दुर्घटना होती रहती है ,जैसे कि लेन बदलना, शराब पीकर वाहन चलाना और वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग करना। अगर वाहन को एक गति सीमा से चलाया जाएगा तो हादसे होने में कमी होगी। ट्रैफिक पुलिस के साथ-साथ आरएसओ भी विभिन्न माध्यमों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जाता है।

जिले में आये दिन हादसे होते हैं  ऐसे में हर साल दुर्घटना में 800 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। इन सड़क हादसे में 400 से ज्यादा लोग अपनी जान गवा देते है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार 2020 में भी 790 सड़क हादसे दर्ज किए गए हैं।जिसमें से 361 लोगों की मौत हुई है।इसके अलावा 541 लोग घायल हुए थे। 

पुलिस शहर में लोगों की अलग-अलग सड़कों पर इंटरसेप्टर से जांच करती है कि वाहनों में किस स्पीड से वाहन चलाया जा रहा है साथ ही अगर जिले में तेज रफ्तार से वाहन चलाया जा रहा है तो उसकी ट्रैफिक पुलिस रोकथाम करती है। इंटरसेप्टर से ट्रैफिक पुलिसकर्मी फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड, गोल्फ कोर्स रोड, दिल्ली-जयपुर हाईवे और कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) पर मुख्य रूप से जांच करते हैं। 1252 चालको का 24 मई तक तेज रफ्तार से बनाने वाले वाहन चालकों का चालान किया गया।