Yuva Haryana
हो रही है टाइफाइड की समस्या तो हो जाए सावधान , झूठा खाने और खिलाने से बचे, दूसरे भी हो सकते है संक्रमित
 
कोरोना के चलते ही काफी लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा था। वही बीच में कोविड-19 से लोगों को राहत मिली थी लेकिन एक बार फिर यह अपने पैर पसारता हुआ नजर आ रहा है। इतना ही नहीं वायरल और टाइफाइड जैसे बुखार भी अब सामने आने लगे है। विशेषज्ञों की माने तो बरसाती मौसम के चलते शहर में टाइफाइड मलेरिया जैसे अब बुखार पहले लग जाता है। जिससे लोगों को सामना करना पड़ता है। वहीं उन्होंने कहा कि टाइफाइड में ना तो झूठा खाना चाहिए ना ही अपना झूठा किसी को देना चाहिए क्योंकि इसकी वजह से ज्यादा संक्रमण दूसरों तक फैलने की संभावना रहती है।
आयुर्वेद के विशेषज्ञ एवं कच्चाबेरी रोड एसोसिएशन के प्रधान डा. धर्मपाल मुदगिल ने बताया कि कोविड, वायरल और टाइफाइड को लेकर लोग सतर्क रहें। इनका कहना है कि कई बार तीनों ही रोगों के एक जैसे लक्षण होने के कारण भी लोग भ्रमित हो जाते हैं। इस सीजन में कोविड, वायरल बुखार और टाइफाइड से बचने के लिए अधिक से अधिक सावधानी बरतें।
इम्युनिटी सिस्टम मजबूत करने के लिए नियमित तौर से योग, प्राणायाम करें। हल्दी वाले दूध के साथ ही फल और ताजा भोजन करें। उबला ही पानी ठंडा करके सेवन करें। इनका यह भी कहना है कि टाइफाइड और वायरल बुखार के भी अधिक मामले सामने आ रहे हैं।
डा. धर्मपाल ने बताया कि अमर बेल का काढ़ा भी टाइफाइड को जड़ से खत्म कर देता है। इन्होंने बताया कि पीले रंग की 100 ग्राम अमर बेल और एक लीटर पानी में डालकर उबालें। करीब पांच ग्राम अजवाइन भी डाल लें। जब पानी एक चौथाई जैसे 200 ग्राम पानी उबलकर 50 ग्राम रह जाए तब इसका सेवन करें। सुबह-शाम सात-आठ दिन इसका उपयोग करें। हां, जो गर्भवती महिलाएं हैं वह इसका सेवन न करें।
डॉक्टर धर्मपाल मुदगिल के अनुसार इन तीनों बुखार ओके एक ही लक्षण होते हैं। यह तीनों एक ही चीज से होता है। पहला कोविड-19 जोकि गले में खराश या फिर गले में दर्द, फेफड़ों के अंदर बलगम जमना, खासी, बुखार आदि जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वही वायरल जिसमें इंसान को शरीर में दर्द, तेज बुखार, भूख कम लगना, खासी जैसी दिक्कत उठानी पड़ती है। तीसरा मलेरिया जिसमे सर में दर्द, बुखार, बुक कम लगना, पैरों में दर्द, सर में दर्द, चक्कर जैसा फील होना यह लक्षण होते हैं। यह सभी बीमारियां एक जैसे लक्षण लेकर आती हैं। जिसमें आप फरक भी नहीं कर पाते कि आप को क्या बीमारी