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IMD ने जारी किया अलर्ट: हरियाणा में झेलनी होगी 4 दिन और गर्मी उसके बाद होगी बारिश
 
मौसम में एक बार फिर बदलाव हुआ है। अब प्री मानसून गतिविधि उत्तर भारत की पहाड़ियों तक ही सीमित रहेंगी। मैदानी इलाकों में केवल एक-दो जगह ऐसी गतिविधियां संभव हैं। नतीजतन, 27 जून के बीच उत्तरी मैदानी इलाकों और पहाड़ियों पर भी बारिश नहीं होगी। इसके बाद 28 जून के आसपास बारिश तेज हो जाएगी। वहीं अगले सप्ताह उत्तर भारत में कुछ बारिश हो सकती है। यह बारिश दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत के लिए बेहतर आधार तैयार करेगी। इसके बाद जल्द मानसून की बारिश हो सकती है।
क्षेत्र में वीरवार को एक बार फिर मौसमी बदलाव के चलते तापमान में बढ़ोत्तरी का दौर भी शुरू हो गया। इसके चलते अधिकतम और न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। माना जा रहा है कि अभी कम से कम चार दिन यही स्थिति बनी रह सकती है। इसके बाद नए सिरे से बारिश का सिलसिला चलेगा, जिसके साथ ही मानसून भी उत्तरी भारतीय राज्यों में दस्तक दे देगा।
देश के अन्य हिस्सों की बात करें तो फिलहाल एक अपतटीय ट्रफ रेखा के प्रभाव से महाराष्ट्र तट से दूर पूर्व-मध्य अरब सागर पर एक मध्य-स्तरीय चक्रवाती परिसंचरण और निचले क्षोभमंडल स्तरों में पश्चिमी तट के साथ तेज पछुआ हवाएं चलने की संभावना है। इसी तरह कर्नाटक, कोंकण और गोवा में गरज और बिजली के साथ व्यापक वर्षा के आसार हैं। मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, केरल और लक्षद्वीप सहित अगले पांच दिन में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में काफी वर्षा हो सकती है।
एडवायजरी जारी, बरतें एहतियात
मौसम विभाग की वेबसाइट पर मानसून की आमद के चलते एडवायजरी भी जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि जिन क्षेत्रों में भारी वर्षा शुरू हो चुकी है या हो सकती है, वहां सड़कों को स्थानीयकृत बाढ़ की स्थिति के कारण नुकसान हो सकता है। निचले इलाकों में जलभराव होगा, जिसे देखते हुए ऐसे क्षेत्रों में अंडरपास बंद कर देने चाहिए। भारी वर्षा के कारण दृश्यता में कभी-कभी कमी आ सकती है। प्रमुख शहरों में सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात में बाधा बढ़ जाती है। इसलिए यात्रा के समय पूर्वानुमान अवश्य देख लें। कच्ची सड़कों को मामूली क्षति हो सकती है, जिनकी कमजोर संरचना को नुकसान की आशंका रहती है। पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीयकृत भूस्खलन और कुछ क्षेत्रों में बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। इसलिए हर स्तर पर आवश्यक एहतियात बरतनी चाहिए।