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हरियाणा में गर्मी दिखाएगी अपने तेवर,देखें मौसम विभाग की चेतावनी
 

इस समय देशभर में जो मौसमी परिस्थितियां बनी हुई हैं उस पर गौर किया जाए तो मई माह के पहले पखवाड़े तक अधिकतम तापमान 40.0 डिग्री सेल्सियस तक का सफर तय कर सकता है। क्योंकि बीते दिनों प्रदेशभर में हुई बरसात व ओलावृष्टि के तापमान में 6.0 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखी गई थी, अब फिर से यह सफर तय करने में समय लगेगा।

संभावना यही जताई जा रही है कि मई के दूसरे पखवाड़े में मौसम अधिक गर्म व शुष्क हो सकता है। यानि गर्मी रिकार्ड बना सकती है। बीते कुछ सालों के आंकड़ों के हिसाब से आंकलन करे तो दूसरे पखवाड़े का तापमान 44.0 डिग्री सेल्सियस को भी पार कर सकता है। अभी हरियाणा, पंजाब, दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र में फिर से बरसात या मौसम बदलाव के कोई संकेत नहीं मिले हैं।

15 मई के बाद होगी धान की पनीरी की बुआई

कृषि एवं कल्याण विभाग के मुताबिक धान की पनीरी की बुआई 15 मई से शुरू हो जाएगी। लेकिन मौसम में शुष्कता व गर्मी भी 15 मई के बाद से ही तेजी आएगी। ऐसे में किसानों को यह ध्यान रखने की जरूरत है कि धान की पनीरी की बुआई के बाद पानी शाम के समय लगाएं। दिन में पानी लगाने से पनीरी झुलसने की संभावना बन जाती है।

देशभर में यह बना हुआ है मौसमी सिस्टम

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से, दक्षिण अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के आसपास के क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण मध्य क्षोभमंडल स्तर तक फैल रहा है।

ऐसे निम्न दबाव के उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की उम्मीद है और अगले 48 घंटों में एक डिप्रेशन में सशक्त हो सकता है। पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। एक टर्फ रेखा मध्य प्रदेश पर बने चक्रवाती परिसंचरण से विदर्भ, रायलसीमा और तमिलनाडु होते हुए कोमोरिन क्षेत्र तक फैली हुई है।

एक अन्य टर्फ रेखा चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र से छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल होते हुए मेघालय तक फैली हुई है।