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हरियाणा के बेटे बेटियों ने कर दिखाया ऐसा कमाल, कच्चे मैदान में खेल कर की जीत हासिल
 

आजकल बेटे और बेटियां दोनों बराबर माने जा रहे हैं। ऐसे में हरियाणा के बेटे और बेटियों ने यह साबित कर दिखाया कि  अगर मेहनत करी जाए तो मेहनत रंग भी लाती है।नेशनल चैंपियनशिप के मौके पर दो अलग-अलग राज्यों में आयोजित हुई थी हॉकी नेशनल चैंपियनशिप। यह चैंपियनशिप आधुनिक एस्ट्रोटर्फ पर आयोजित की गई थी। लेकिन आप यह बात सुन हैरान हो जाएंगे कि हरियाणा के इन बेटे बेटियों ने कच्चे मैदान में हॉकी खेल का अभ्यास किया था।
आखिर ऐसा क्या हुआ जो कच्चे मैदान में खेल कर इन बच्चो  को हॉकी के नेशनल चैंपियनशिप की तैयारी करनी पड़ी। हिसार में खेल अभ्यास के लिए 10 करोड़ की लागत से  एस्ट्रोटर्फ बनाया तो गया है लेकिन वह इतना महंगा है साथ ही उस पर खेलने के लिए खिलाडियों को निर्धारित फीस वसूली के आदेश थे।

कोच राजेंद्र सिहाग ने बताया कि बच्चों के खेल की प्रैक्टिस के लिए जगह तो बना दी गई लेकिन वह पर प्रतिदिन अभ्यास के लिए खेल विभाग की ओर से ₹30 हजार की मांग भी रखी गई। यह राशि बहुत ही अधिक थी,लेकिन दोनों ही टीमों में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे खेल रहे थे जो कि इस राशि का भुगतान नहीं कर पाते। तो बच्चों ने कच्चे मैदान में खेल कर ही अभ्यास किया और अपनी स्टिक का जादू दिखाने वहां पहुंच गए।

आजाद सिंह के नेतृत्व में यह है महिला हॉकी टीम झारखंड खेलने पहुंची और वहां पर इन्होंने चौथी बार लगातार चैंपियनशिप में पराजित किया वहीं फाइनल में झारखंड को 2-0 पर पराजित किया।12वीं हॉकी इंडिया सब जूनियर नेशनल महिला हॉकी चैंपियनशिप मणिपुर के इंफाल में 11 मई से 22 मई तक यह प्रतियोगिता आयोजित हुई। इस प्रतियोगिता में बेटियों ने एक के बाद एक अपने प्रतिद्वंद्वियों को पराजित करते हुए यह शानदार प्रदर्शन दिखाया।

इतना ही नहीं हरियाणा के बेटे भी कम नहीं। 12वी हाॅकी जूनियर नेशनल चैंपियनशिप मैं कांस्य पदक हासिल किया। यह पदक उन्होंने ओडिशा की टीम को हराकर हासिल किया।हरियाणा के अलावा हरियाणा निवासी खिलाड़ी चंडीगढ़ सहित दूसरी टीमों में खेलते नजर आए और उन्होंने बेहतर प्रदर्शन कर अपनी टीमों को जीत दिलाने में अहम रोल अदा किया। कोच राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में हरियाणा के इस टीम ने ओडिशा टीम को 3-0 पराजित किया। यह मैच 29 मई को तमिलनाडु में आयोजित हुआ था। इस मुकाबले में हरियाणा की टीम ने ओडिशा की टीम को हराकर कांस्य पदक हासिल किया था।

राजेंद्र सिहाग, हाकी कोच, हिसार ने बताया की खिलाड़ियों के साथ भेदभाव हो रहा है।खेल विभाग या साई के माध्यम से खेलने वाले खिलाड़ियों को सुविधाएं दी जा रही है। जबकि एसोसिएशन के माध्यम से खेलने वाले खिलाड़ियों को खेल सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। यह खिलाड़ियों के साथ भेदभाव पूर्ण निती है। खिलाड़ियों को सरकार सुविधा मुहैया करवाए तभी वे देश के लिए पदक जीतकर खेल में सम्मान दिलाएंगे। मैदान प्रयोग के लिए खिलाड़ियों पर थोपी जा रही राशि के भुगतान के फैसले को सरकार वापिस ले।