Yuva Haryana
हरियाणा की बेटियों ने चारों तरफ बजाया कामयाबी का ढोल, मेहनत से छुआ आसमान, चारों तरफ खुशी का माहौल
 

संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा का फाइनल परीक्षा परिणाम सोमवार को जारी किया। जिसमें हरियाणा के सोनीपत जिले की बेटियों ने डंका बजा दिया। चारों लड़कियों ने सफलता के झंडे गाड़तें  हुए अपने माता पिता के साथ जिले का नाम रोशन किया है।

इनमें खरखौदा के गांव झरोठ निवासी प्रतिभा दहिया ने 55वां रैंक, निजामपुर निवासी उत्तम ने 121 वां, गुड़मंडी निवासी गरिमा गर्ग ने 220 वीं रैंक और सेक्टर-23 निवासी निधि ने 524 वां रैंक प्राप्त किया है। लाडलियों की सफलता पर परिजन फूले नहीं समां रहे। घर पर रिश्तेदारों व जान पहचान वालों का बधाई देने के लिए तांता लगा हुआ है।

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खरखौदा के गांव झरोठ  निवासी किसान ओमप्रकाश की लाडली प्रतिभा ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में रैंक सुधार करते हुए 55वीं  रैंक हासिल किया है। प्रतिभा ने पिछले वर्ष पहले ही प्रयास में 214वीं  रैंक हासिल किया था। प्रतिभा वर्तमान में हैदराबाद में आईपीएस की ट्रेनिंग ले रही हैं। लाडली की सफलता पर माता-पिता फूले नहीं समा रहे।  पिता ओमप्रकाश का कहना है कि बेटी ने गौरवान्वित होने का दोहरा अवसर दिया है। प्रतिभा दहिया ने अपनी 12वीं कक्षा तक की परीक्षा मोतीलाल नेहरू खेलकूद विद्यालय राई से प्राप्त की। उसके बाद स्नातक दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से की और स्नातकोत्तर दिल्ली के ही इंद्रप्रस्थ महाविद्यालय से की।

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गोहाना के गांव निजामपुर निवासी स्कूल संचालक रामरूप उर्फ कप्तान की लाडली उत्तम ने अपने तीसरे प्रयास में 121वीं  रैंक हासिल कर माता-पिता का नाम रोशन किया है।  उत्तम ने सफलता का श्रेय माता राज्य कला और पिता रामरूप और फूफा कर्नल रघुबीर सिंह को दिया है। उत्तम ने बताया कि उसने दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई अपने पिता की स्कूल ज्ञानदीप माध्यमिक विद्यालय निजामपुर से प्राप्त थी। उसके बाद 11वीं 12वीं जींद के एसडी विशिष्ट माध्यमिक  विद्यालय की बीएससी और एमएससी सीवीएम कन्या महाविद्यालय से कि उसके बाद दिल्ली में करीब 7 महीने की सिविल सेवा परीक्षा के लिए कोचिंग ली। बाद में घर पर रहकर सेल्फ स्टडी की। 4 साल से सिविल सेवा की तैयारी कर रही हूं। इसके लिए रोजाना 12 से 14 घंटे पढ़ाई को देती हूं। उत्तम बताती हैं कि उन्होंने टॉप 100 में आने की पूरी उम्मीद थी, लेकिन 121 रैंक मिला है। उनका कहना है कि लक्ष्य निर्धारित कर उसे पाने के लिए परिश्रम किया जाए, तो कोई भी बाधा आपको अपनी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती है।

 

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सोनीपत के गुड मंडी अग्रसेन नगर निवासी राम कृष्ण की लाडली गरिमा गर्ग ने अपने पांचवें प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा में 220 रैंक हासिल कर अपने सपनों को उड़ान दी। लाडली की उपलब्धि पर परिजन फूले नहीं समा रहे। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में कार्यरत राधा कृष्ण का कहना है कि गरिमा तीन बहन भाइयों से सबसे छोटी है बचपन से ही पढ़ाई में होनहार गरिमा का सपना शुरू से ही सिविल सेवा में जाने का था। वर्ष 2016 में इंजीनियरिंग में 14 लाख का पैकेट मिला था, लेकिन गरिमा ने उसको छोड़ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। गरिमा ने चार बार प्री  और 2 बार मेंस  क्लीयर किया ‌।


अब अपने पांचवें प्रयास में 220 वां रैंक हासिल किया है। गरिमा ने अपनी दसवीं कक्षा तक की शिक्षा हिंदू विद्यापीठ से हासिल की। जिसके बाद आईआईटी की तैयारी के लिए कोटा गई। वहीं डीएवी स्कूल से 12वीं की कक्षा तक की पढ़ाई की उसके बाद बिटस पिलानी से ड्यूल डिग्री की। गरिमा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, मामा,  चाचा में परिवार के अन्य सदस्य को दिया। गरिमा बताती है कि उसने परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली से 1 साल तक कोचिंग की। उसके बाद सेल्फ स्टडी करती रही सामान्य दिनों में वह 6 से 7 घंटे पढ़ती थी।


परीक्षा नजदीक आने पर 10 से 12 घंटे तक पढ़ाई की इस दौरान मां सुनीता गर्ग ने हमेशा पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए ही प्रेरित किया। कभी घर का काम करने के लिए नहीं कहा। गरिमा गर्ग की मां सुनीता गर्ग दिल्ली में पीजीटी है। वे कहती हैं कि अगर बेटियों को मौका मिले तो वह भी आसमान छू सकती हैं। माता-पिता अफसर बेटी को थोड़ी बड़ी होते ही चूल्हा चौका सिखाने का दबाव डाल सकते हैं। मगर उसे भी पढ़ने की छूट दी जाए तो वह खुद को साबित कर सकती है। मैंने अपने बच्चे को हमेशा पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया। बेटा आज अमेरिका में विज्ञानिक है, तो दूसरी बेटी अमेजॉन में प्रबंधक है।


गांव जागसी फिलहाल ककरोई रोड, विकास नगर निवासी सेवानिवृत्त प्राचार्य बलवान सिंह सहरावत व गणित प्राध्यापिका सुशीला देवी की लाडली निधि ने अपने तीसरे प्रयास में 524वां रैंक हासिल किया है। बेटी की सफलता पर पूरा परिवार खुशी में झूम रहा है। बलवान सिंह का कहना है कि बेटी ने सिविल सेवा में सफलता प्राप्त कर गौरव के फल दिए हैं। बलवान सिंह ने बताया कि निधि ने 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई शिवा शिक्षा सदन से प्राप्त थी। उसके बाद बीएससी केमिस्ट्री ऑनर्स डीयू दिल्ली से और एमएससी केमिस्ट्री आईटीआई रुड़की से की जिसके बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। इसके लिए 3 महीने तक दिल्ली में कोचिंग ली, उसके बाद घर से ही अपनी तैयारी करती रही। सिविल सेवा में स्थान बनाने के लिए उसने दिन में 14 घंटे तक पढ़ाई की निधि ने इस सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया।pcs image widget