Yuva Haryana
हरियाणा सरकार ने लिया एक अहम फैसला, शहरों और कस्बों मैं पारिवारिक हिस्सों में बांटे प्लॉटों को अब मिलेगी कानूनी मंजूरी!
 

हरियाणा में शहर और कस्बों की आवासीय कॉलोनियों में वर्ष 1980 से पहले आवंटित फ्लैटों के विभाजन को सरकार अब कानूनी मान्यता देगी ऐसे भूखंड का नियुक्त आकार 200 वर्ग मीटर होना चाहिए। उप विभाजन भूखंड आकार किसी भी स्थिति में 100 वर्ग मीटर से कम नहीं होगा। 


मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में गत दिवस हुई कैबिनेट बैठक में संशोधित पालिसी को मंजूरी दे दी गई है। फैसले से इन हजारों परिवारों को राहत मिलेगी जिन्होंने पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे में फ्लैटों के अलग-अलग हिस्से किए हुए हैं।  नई नीति में भूमि के निर्धारित उपयोग को बदले बिना नगरपालिका क्षेत्रों में नगर 
आयोजना योजनाओं पुनर्वास योजनाओं सुधार न्यास योजनाओं में भूखंड के गलत तरीके से किए गए उपविभाग जनों को विनियमित किया जाएगा। 


इसके लिए शर्त यह रहेगी कि मूल लेआउट में दर्शनीय गई सड़क से उप - विभाजित प्लाट तक पहुंच होनी चाहिए।   साथ ही हरियाणा बिल्डिंग कोड 2017 के तहत भूखंड के भीतर पार्किंग प्रभा धान होना चाहिए नीति के अनुसार ₹10 प्रति वर्ग मीटर की दर से प्रति भूमि शुल्क लिया जाएगा। 

अवैध रूप से उप -  विभाजित और उप विभाजन के नियमितीकरण के लिए नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग आवासीय प्लाट के लिए लाइसेंस के डेढ़ गुनाह की दर से लाइसेंस फीस वसूलेगा और नए उप विभाजन के लिए नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग द्वारा अधिसूचित लाइसेंस फीस लागू होगी।


मंत्रिमंडल ने आवासीय वाणिज्यिक उपयोग के लिए नई आकृतिक लाइसेंस नीति को भी मंजूरी दे दी है।  इससे जनसंख्या के अनुसार सामुदायिक सुविधाएं जुटाई जा सकेंगी मूल नीति के अनुसार कालेनाइजर के लिए सामुदायिक सुविधाओं के प्रावधान के लिए लाइसेंस प्राप्त कॉलोनी के 10% क्षेत्र को सरकार ने निशुल्क हस्तांतरित करना आवश्यक था।


साथ ही अब कालोनाइजर को 25 एकड़ तक के क्षेत्रफल वाली कालोनी की 10 प्रतिशत भूमि सरकार को हस्तांतरित करनी होगी और 
 25 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल वाली कालोनी में समय-समय पर किए गए संशोधन के अनुसार सामुदायिक स्थलों का प्रविधान किया जाएगा।


प्रदेश में कारोबार की सहूलियत को बढ़ाने के लिए हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन नियम को मंजूरी दी गई है निवेशक पोर्टल पर 23 से अधिक विभागों की लगभग 150 मंजूरी प्राप्त करने के लिए सामान्य आवेदन पत्र भर सकते हैं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम को 15 दिनों के भीतर सभी आवश्यक व्यावसायिक मंजूरी दी जाएंगी। पोर्टल पर स्वचालित डीम्ड क्लीयरेंस का प्रावधान होगा।

नियमानुसार कॉलोनी में खुली जगह के लिए 15% कॉलोनी क्षेत्र उपलब्ध करवाना आवश्यक है वही ग्रुप हाउसिंग के लिए 15% मानदंड का पालन करना होगा और आवासीय घटक के लिए हरित क्षेत्र निर्धारित मानदंड अर्थात 2.5 वर्ग मीटर  प्रति व्यक्ति के अनुसार प्रदान किया जा सकता है।

यह बेसमेंट के प्रावधान के साथ मानदंडों के अनुसार ग्रुप हाउसिंग में पार्किंग की आवश्यकता को पूरा करने में भी समक्ष होगा संशोधित नीति के अनुसार हाई पर और हाई पोटेंशियल जोन के लिए नियुक्त क्षेत्र 10 एकड़ और मीडियम एंड लो पोटेंशियल जोन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र के लिए 5 एकड़ है।