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NDA में हरियाणा की लड़की का पहला चयन, परीक्षा में किया टॉप
 

 आपको पता है? कि थल सेना, वायु सेना, और जल सेना का चयन NDA यानी "नेशनल डिफेंस अकादमी" के अंर्तगत किया जाता है। इस परीक्षा का अवसर उम्र के अनुसार ही मिलता है और यह परीक्षा बहोत कठिन भी होती है। और सबसे बड़ी बात यह है की इस परीक्षा के लिए महिला सीट बहुत कम होती है। जैसा की नाम से ही पता चल रहा है, नेशनल डिफेंस अकादमी।

 पहली बार एक लड़की का NDA के लिए चयन हुआ है, साथ ही इस लड़की ने परीक्षा में टॉप कर दिखाया। यह डिपार्टमेंट सिर्फ देश के लिये बनाया गया है, इसमे जॉब सिर्फ और सिर्फ देश की सेवा लिए ही मिलती है। कुछ जगहों पर केवल पुरषों को ही ज्यादा मान्यता दी जाती है, क्योंकि माना जाता है कि कुछ काम पुरुषो के लिए ही होते है। भारत में हर युवा का ख्वाब होता है की वो अपने देश की सेवा करे, आर्मी में भर्ती हो, और अपनी भारत माता के लिए अपनी जी जान लगा दे। 
देश की सेवा सिर्फ बॉर्डर पर खड़े होकर ही नही होती, बल्कि अपने देश में अमन और शांति बनाकर भी की जा सकती है। भारत पहला ऐसा देश है, जहां हर धर्म के लोग आजादी से जीवनयापन कर रहे है और हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, को भाई कह रहे है। हर धर्म का त्योहार खुशी-खुशी मना रहे है। वो इसी लिए की हमारे देश में एकता और भाई चारा है। 
NDA की परीक्षा में महिलाओ का शुभारंभ
नेशनल डिफेंस अकेडमी (NDA) की परीक्षा में पहली बार महिलाओ को मोका देते हुए बैच का शुभारंभ किया। जिसमे हरियाणा राज्य की बिटिया शनन ढाका ने नेशनल डिफेंस अकादमी के पहले महिला बैच में टॉप करके पूरे देश में अपना नाम बना लिया।
पहली बार आयोजित हुई परीक्षा में पूरे देश से शनन के साथ 51 लड़किया चयनित हुई है। जिसमे सनन प्रथम स्थान प्राप्त कर चुकी है। शनन का पूरा परिवार फोज में शामिल है। उन्हे में भरती होने की प्रेरणा घर के माहोल और मिलट्री स्कूल से मिली। शनन के पिता और उसकी बड़ी बहन सेना शामिल है और देश की सेवा करते है। यह देखकर शनन ने NDA में जाने का फैसला किया।
शनन ने बताया, की कक्षा 12वी के बाद से ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी। परंतु सरकार की घोषणा पर जैसे ही NDA में महिलाओं को प्रवेश देने के लिए स्वीकृति मिलीl तो उन्होंने एनडीए के लिए आवेदन डाल दिया। जिसके बाद शनन के पास मात्र 40 दिन का समय था परीक्षा की तैयारी के लिए।