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हरियाणा मुख्यमंत्री ने बनाया नशे को रोकने का एक्शन प्लान, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने रखा प्रस्ताव
 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में शनिवार को चंडीगढ़ में उत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश में नशे को रोकने का एक्शन प्लान रखा।कहा कि हरियाणा में नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए प्रदेश सरकार सूचना और तकनीक (आइटी) की मदद लेगी।
मनोहर लाल ने कहा कि नशा प्रभावित आठ जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर नशे की लत के शिकार लोगों का आंकड़ा जुटाया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रयास नामक मोबाइल एप शुरू किया गया है। सोनीपत जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर साथी मोबाइल एप के जरिये प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर नजर रखी जा रही है। प्रोजेक्ट सफल रहने पर इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। 
मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि ऐसी प्रतिबंधित दवाओं, जिनका इस्तेमाल नशे के रूप में किया जा रहा है, उन्हें ट्रैक करने के लिए केंद्र सरकार को उन पर यूनिक सीरियल नंबर डलवाना अनिवार्य करना चाहिए। अपराधों, अपराधियों, पीड़ितों से संबंधित सभी गतिविधियों का केंद्रीकृत राज्य डेटाबेस बनाने के लिए एक साफ्टवेयर एचएडब्ल्यूके विकसित किया गया है। इससे नशे के कारोबारियों पर नकेल कसने में मदद मिली है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में नशे के खिलाफ आइटी के जरिये लड़ाई लड़ी जा रही है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर जिला कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर, पंचकूला, जींद, हिसार, फतेहाबाद एवं सिरसा में स्टेट एक्शन प्लान को लागू किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ सामूहिक लड़ाई लड़नी होगी।
विभिन्न राज्यों की ला एनफोर्समेंट एजेंसी आपसी तालमेल से एकजुट होकर काम करें तो इस समस्या पर अंकुश लगाया जा सकता है। हरियाणा में हर महीने एनडीपीएस एक्ट के 200 से अधिक मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। राज्य में 30 जूनराज्य में 30 जून तक 1913 मुकदमे दर्ज किए गए, जिनमें 2661 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। जून तक 253 ड्रग्स तस्करों से करीब 32 करोड़ रुपये जब्त किए गए और 13 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस को स्पष्ट निर्देश हैं कि वे हर मुकदमे की तह में जाएं और मादक पदार्थों के स्रोत तक पहुचें।
अंतरराज्यीय नशा तस्करों से निपटने के लिए हरियाणा पुलिस केंद्रीय एजेंसी नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो के साथ तालमेल बनाए हुए हैं। पंचकूला में अंतरराज्यीय एंटी ड्रग सचिवालय बनाया गया है। इसके जरिये उत्तरी भारत के आठ राज्य ड्रग तस्करी के बारे में सूचनाएं एकत्रित और साझा करते हैं। नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो ने पिछले साल देश के 272 जिलों में दर्ज मुकदमों की संख्या के आधार पर ड्रग्स के हाटस्पाट को चिन्हित किया था। इनमें 10 जिले हरियाणा के हैं।हरियाणा में 142 नशा मुक्ति केंद्र खोले गए हैं। इसके अलावा सभी सरकारी मेडिकल कालेजों में मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति वार्ड खोले गए हैं। हर जिले के सिविल अस्पताल में भी नशा मुक्ति केंद्र खोले जा रहे हैं। अब तक 13 जिलों में ये केंद्र खोले जा चुके हैं। जहां नशामुक्ति केंद्र नहीं हैं, वहां सिविल अस्पतालों में मनोचिकित्सक नशामुक्ति सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। अब तक हिसार व रोहतक जेल में ये केंद्र खोले जा चुके हैं