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हरियाणा के पांच विधायकों मिली जान से मारने की धमकियां , डीजीपी मौन, सैलजा पहुंची राजभवन
 

हरियाणा के पांच विधायकों को फोन पर जान से मारने की धमकियां मिली हैं। इन विधायकों से फिरौती की रकम भी मांगी गई है। सभी काल दुबई से आई हैं। प्रदेश सरकार का दावा है कि विधायकों को सुरक्षा मुहैया करा दी गई है, लेकिन विधायकों ने सरकार के दावे को गलत करार दिया है।

किसी भी विधायक को अभी तक न तो सुरक्षा मिली है और न ही पुलिस किसी ऐसे अपराधी तक पहुंच सकी, जिसने विधायकों को धमकी दी है। पुलिस महानिदेशक पीके अग्रवाल इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हैं। गृह मंत्री अनिल विज ने मामले की जांच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को सौंपने का दावा किया है।

जिन विधायकों को फोन पर धमकियां मिली हैं, उनमें सढ़ोरा की कांग्रेस विधायक रेणुबाला, सोनीपत के कांग्रेस विधायक सुरेंद्र पंवार, सोहना के भाजपा विधायक कंवर संजय सिंह, सफीदो के कांग्रेस विधायक सुभाष गांगोली और फिरोजपुर झिरका के कांग्रेस विधायक मामन खान शामिल हैं।

हरियाणा के पांच विधायकों को मिली धमकियों के बाद राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। हरियाणा कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष कुमारी सैलजा शुक्रवार को इसके विरोध में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मिलने पहुंची। सढ़ोरा की विधायक रेणुबाला भी उनके साथ ही। कुमारी सैलजा ने कहा कि जिस राज्य में विधायकों को धमकियां मिल रही हों, उसकी कानून व्यवस्था की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

अधिकतर विधायकों को दुबई से धमकी भरे फोन आए हैं। प्रदेश सरकार के पास जो प्राथमिक सूचना आई है, उसके आधार पर यह फोन पाकिस्तान से आपरेट हो रहे हैं, लेकिन हरियाणा पुलिस अभी तक किसी तह में नहीं पहुंच पाई है।

कुमारी सैलजा ने राज्यपाल को बताया कि चार विधायकों को विदेश से और मामन खान को हरियाणा से धमकियां मिली हैं। जनप्रतिनिधियों को फिरौती व जान से मारने की धमकियां मिलने का मतलब साफ है कि हरियाणा पुलिस और उसका चौकसी सिस्टम पूरी तरह से फेल है।

इसकी नैतिक जिम्मेदारी पुलिस महानिदेशक पीके अग्रवाल की बनती है, जो आज तक विधायकों को सुरक्षा तक मुहैया नहीं करा पाए हैं। सैलजा ने कहा कि विधायकों को मिली धमकियों की जांच हाईकोर्ट के सीटिंग जज से कराई जानी चाहिये। चूंकि मामला विदेश से आ रही धमकियों का है तो इसलिये एनआइए से भी जांच कराई जानी जरूरी है।

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस महासचिव व राज्यसभा सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला और कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी विधायकों को मिल रही धमकियों पर सरकार को कटघरे में खड़े कर चुके हैं। इसके विपरीत गृह मंत्री अनिल विज का कहना है कि विधायकों को समुचित सुरक्षा उपलब्ध करा दी गई है। राज्य पुलिस की एसटीएफ को पूरे मामले की जांच सौंप दी गई है। एसटीएफ इस मामले की तह में जाकर अपराधियों को धरपकड़ करेगी।