Yuva Haryana
डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को गांवों और खेतों में पानी निकासी युद्ध स्तर पर करवाने के दिए आदेश
 
हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने भारी बरसात के कारण हुए जलभराव से लोगों को राहत दिलवाने के लिए अधिकारियों को जल्द से जल्द पानी की निकासी करने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि जब तक पानी की निकासी नहीं होती है, तब तक एसडीएम कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए और सभी बेलदार केवल जल निकासी का ही कार्य करें। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि किसानों की फसल नुकसान की भरपाई के लिए फसल ख़राबे का आंकलन करवाया जाएगा और पांच अगस्त से गिरदावरी शुरू होगी। इसके अलवा जलभराव के कारण बीमारियां फैलने की आशंका के मद्देनजर डिप्टी सीएम ने हर गांव में फॉगिंग करवाने, ओआरएस तथा अन्य दवाएं उपलब्ध करवाने व मेडिकल टीम गठित कर ग्रामवासियों के स्वास्थ्य की जांच करवाने के निर्देश दिए। वे सोमवार को हिसार व भिवानी जिले में कई जलभराव प्रभावित गांवों का दौरा कर रहे थे। 
 
डिप्टी सीएम ने हिसार जिले के गांव गुराना में अत्यधिक जलभराव के मद्देनजर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पाइपलाइन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा और उन्होंने इसके लिए अपने स्वैच्छिक कोटे से 30 लाख रुपये की ग्रांट दी। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि गांव के लोगों को ट्रैक्टर पर बर्मा लगाकर नहर में पानी डालने की भी अनुमति दी जाए, इससे प्रत्येक गांव में 10 से 20 ट्रैक्टर जल निकासी के कार्यों में लग जाएंगे। उन्होंने कहा कि जल निकासी के कार्य में लगने वाले ट्रैक्टर मालिकों को रेट फिक्स करके खर्च की अदायगी भी की जाएगी। दुष्यंत चौटाला ने मिर्चपुर गांव में जलभराव की स्थिति का दौरा करते हुए मौके पर ही पाइप मंगवाए और जल निकासी का कार्य आरंभ करवाया। उन्होंने कोथ कलां, मिर्चपुर, राखी ख़ास, बास, खरबला व अन्य गांवों में किसानों से मुलाकात कर उनकी प्रतिक्रियाएं ली और उन्हें आश्वासन दिया कि जल निकासी का कार्य युद्ध स्तर पर किया जाएगा।
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि गिरदावरी के बाद प्रभावित किसानों को फसल में हुए नुकसान के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा और पूरी तरह फसल खराब होने पर प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की अदायगी की जाएगी।