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हिसार की नगर पालिका में सामने आया करोड़ो घोटाला, अधिकारियों से रिकवरी के आदेश, बिजली मंत्री तक पहुंचा मामला
 
हिसार की बरवाला नगर पालिका में करोड़ों का घोटाला सामने आया है बरवाला में कुछ पहाड़ों में स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर निकाय के अधिकारियों ने ही सरकारी राजस्व को चूना लगा दिया।बरवाला विधायक जोगीराम सिहाग हस्तक्षेप के बाद पार्षद ने बताया कि नरवाना नगर पालिका में स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर करोड़ों रुपए का बंदरबांट चल रहा है।
हिसार की नगर आयुक्त बेलीना के माध्यम से जांच कराई गई जांच कमेटी ने जब जांच की तो वह स्थिति देखकर हैरान रह गए स्ट्रीट लाइटों को लगाने में टेंडर के नियमों को तोड़ा गया ही था इसके साथ साथ कई विभागीय नियमों को भी ताक पर रख दिया गया। यह मामला करोड़ों रुपए के घोटाले से संबंधित है ऐसे में इस मामले की जांच जांच पूरी हुई तो संबंधित जांच अधिकारियों ने कार्रवाई के लिए लिख दिया।
मगर हैरानी की बात यह है कि घोटाले के तार जिस अधिकारी से जुड़े हुए थे उसी अधिकारी को विभाग ने प्रमोट कर दिया। अब जब मामला ऊर्जा मंत्री चौधरी रणजीत सिंह चौटाला के सामने उठा है तो मामले ने एक बार फिर से तेजी पकड़ ली है ऊर्जा मंत्री ने इस मामले में अधिकारियों को संबंधित अधिकारियों से रिकवरी करने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और उस फर्म को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए हैं।
कारण बताओ नोटिस किया जारी
हिसार लघु सचिवालय सभागार में शनिवार को जन परिवाद समिति बैठक आयोजित हुई। बैठक में कमेटी के चेयरमैन और ऊर्जा मंत्री चौधरी रणजीत सिंह चौटाला उपस्थित रहे उन्होंने कुल 16 मामलों पर सुनवाई की। जिसमें एक मामले में जब डीएसओ को सुनवाई के लिए बुलाया गया तो वह गैरहाजिर मिले उनकी जगह उन्होंने कुछ को भेज दिया था इसी मामले को लेकर बिजली मंत्री का पारा चढ़ गया और उन्होंने उपायुक्त हिसार को जिला खेल अधिकारी का मामले पर स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए इस मामले को लेकर जिला प्रशासन जल्द ही कारण बताओ नोटिस जारी करेगा।
कॉलोनाइजर को लाइसेंस रद्द करने की दी चेतावनी
बैठक में शहर की प्रतिष्ठित मार्बल सिटी से जुड़ा मामला भी सामने आया जहां लोगों ने सीवरेज पानी और बिजली की समस्याओं को विस्तृत रूप से उठाया इस मामले पर जब सुनवाई शुरू हुई तब ऊर्जा मंत्री को पता चला के बिल्डर ने तय नियमों के मुताबिक लोगों को सुविधाएं नहीं दिए इसको लेकर ऊर्जा मंत्री ने बिल्डर कंपनी की तरफ से आए हुए प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि 1 महीने के भीतर अपने सभी विवाद सुलझा लें लोगों को सुविधाएं देदें अन्यथा कॉलोनी का लाइसेंस रद्द किया जाएगा।
इसी मामले को लेकर चल रही सुनवाई के बीच जिला नगर योजनाकार अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2010 में मार्बल सिटी ने लाइसेंस लिया था लाइसेंस एग्रीमेंट के मुताबिक यह सभी सुविधाएं लोगों को मिलनी चाहिए थी मगर बिल्डर ने यह सुविधाएं नहीं दी ऐसे में लाइसेंस की शर्तें ना मानने को लेकर मार्बल सिटी के खिलाफ एफआईआर लिखने को और लाइसेंस रद्द करने के लिए पहले ही लिखा जा चुका है।