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सस्ते हो गए है कुकिंग ऑयल ,कीमत में आई 10 प्रतिशत की गिरावट, क्या है इसके पीछे की वजह
 
प्रमुख खाद्य तेलों के आयात और निर्यात में संतुलन बनाए जाने से थोक कीमत में 10 फीसद तक गिरावट आई है। अभी खुदरा बाजार में यह गिरावट 8.84 फीसद तक है। इसमें भी केंद्र सरकार शीघ्र संतुलन बनाए जाने का दावा कर रही है, ताकि आम उपभोक्ता को सीधा फायदा मिले।
भिवानी महेंद्रगढ़ के सांसद धर्मबीर सिंह के सवाल के जबाव में ग्रामीण विकास तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने जानकारी देते हुए बताया है कि सरकार देश में वनस्पति तेलों की उपलब्धता बढ़ाने तथा तिलहन के उत्पादन व उत्पादकता में बढ़ोतरी करके खाद्य तेलों की कीमतों में कमी करने में अग्रणी है। पाम आयल सहित वृक्षजनित तेल जैतून, महुआ, कोकम, जंगली खुबानी, नीम, करंज, सिमरौबा, जत्रोफा की खेती के क्षेत्रफल का भी विस्तार किया जा रहा है।
पिछले साल की तुलना में ज्यादा किया है आयात
खाद्य तेलों का केंद्र सरकार ने पिछले साल की तुलना में ज्यादा आयात किया है। मसलन पाम आयल पिछले साल 13180 टन तो इस बार 1,78,134 टन आयात किया गया। इसी तरह निर्यात में भी कमी की है। पिछले साल पाम आयल 54.7 टन तो इस बार महज 36.95 टन पाम आयल का ही निर्यात हुआ।
प्रमुख खाद्य तेलों की थोक कीमताें में गिरावट
खाद्य तेल का नाम थोक कीमत में कमी (फीसद में)
सरसों का तेल 2.70
वनस्पति 3.05
सोयाबीन तेल 4.74
सूरजमुखी तेल 4.04
पामोलीन तेल 10.04
प्रमुख खाद्य तेलों की खुदरा कीमतों में गिरावट
खाद्य तेल का नाम खुदरा कीमत में कमी (फीसद में)
सरसों का तेल 2.76
वनस्पति 3.11
सोयाबीन तेल 3.74
सूरजमुखी तेल 4.16
पामोलीन तेल 8.84