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हरियाणा के इन छात्रों के लिए शुरू की गई चिराग योजना, 22 जुलाई तक पोर्टल पर कराने होंगे दाखिले
 

हिसार में चिराग योजना के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए आए आवेदनों की जांच शुरू हो गई है। कुल 517 आवेदन आए हैं। शिक्षा विभाग द्वारा जांच की जाएगी कि अब तक कितने आवेदन आए हैं। यह तय शर्तों के अनुसार आए हैं क्या सीधे स्कूल में जमा कराए गए हैं। इसके लिए बच्चों के माता-पिता की आए एक लाख 80 हजार रुपए से कम होनी जरूरी है।

तभी दाखिले की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी स्कूलों में आवेदन की 8 जुलाई अंतिम तारीख थी इसके अलावा बच्चे का परिवार पहचान पत्र एसएलसी भी चेक की जाएगी इन सभी दलों की रिपोर्ट 22 जुलाई तक पूरी कर स्कूलों में नोटिस बोर्ड पर लगानी होगी यह सभी दाखिले एमआइएस पोर्टल पर करना आवश्यक है। तभी वह दाखिला मान्य होगा। उसके बाद ही सरकार निजी स्कूल को फीस देगी। इसके लिए सरकार ने कक्षा के अनुसार फीस निर्धारित की हुई है।

अब सरकार ने 134-ए को चिराग योजना के रूप में शुरू कर दी है। इससे पहले यह 134-ए नियम था, अब सरकार ने इसे चिराग योजना बना दिया है। यह सभी निजी स्कूलों के लिए स्वैच्छिक है। इसको लेकर पंचकूला हेडक्वार्टर से शिक्षा निदेशालय ने प्रदेशभर में निजी स्कूलों से योजाना में शामिल होने के लिए लिंक जारी किया हुआ था। उसमें कई निजी स्कूलों का पाजिटिव जवाब आया था।

कक्षा - फीस
दूसरी से पांचवीं - 700
छठी से आठवीं - 900
नौ से 12वीं - 110
इस योजना के तहत सिर्फ वहीं छात्र पात्र होंगे, जो गत शैक्षणिक स्तर में अपनी शिक्षा सरकारी स्कूलों से पास की है।
जिस खंड या ब्लाक में छात्र पढ़ता है, उसी खंड के स्कूलों में सीटों पर दाखिला पाने का पात्र होगा।
सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों की कक्षा अनुसार सीटों का आंकड़ा वेबसाइट पर दर्शाना होगा।
स्कूलों में सीटों की जानकारी नोटिस बोर्ड पर दर्शानी होगी।
जिन स्कूलों में तय सीटों से ज्यादा आवेदन आते है। उनके लाटरी ड्रा 11 जुलाई को अभिभावकों के सामने निकाले जाएं।
इस दाखिला अवधि में डीईओ, डीईईओ संबंधित स्कूलों में विभागीय मनोनित सदस्य नियुक्त होंगे। इसके लिए बीईओ या नजदीकी स्कूल के प्रधानाचार्य को नियुक्त किया जा सकता है।
निजी स्कूलों द्वारा आवेदन पत्र दिया जाएगा। वह स्कूल छात्र काे रसीद देगा।
दाखिले के लिए बच्चे के पास पीपीपी या स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट होना जरूरी है।
फीस प्रतिपूर्ति राशि के लिए वहीं मान्यता प्राप्त स्कूल मान्य होंगे, जिनके द्वारा फार्म छह में स्कूल की फीस राशि पोर्टल पर दर्शाई होगी।
स्कूलों में दाखिला करने वाले छात्रों की सूचना निदेशक सेकेंडरी निदेशक और निदेशक मौलिक शिक्षा विभाग को एक सप्ताह के अंदर भेजनी अनिवार्य है।