Yuva Haryana
क्या दो शब्द पड़ सकते है महंगे , 36 हजार बुजुर्गो की पेंशन हुई बंद
 

कहते हैं 2 शब्दों की चूक बहुत भारी पड़ सकती है ऐसा ही हुआ है हरियाणा प्रदेश में,दरअसल, परिवार पहचान पत्र बनाते समय सीएससी संचालकों ने उन लाभार्थियों के सामने पेंशनभोगी शब्द लिख दिया जो समाज कल्याण विभाग से पेंशन ले रहे थे। लेकिन जब पेंशन को पीपीपी से जोड़ा गया तब इनको पेंशनभोगी मतलब किसी विभाग से सेवानिवृत मानकर पेंशन रोक दी गई।

अब किसी की दो माह तो किसी की तीन से माह से पेंशन रुकी पड़ी है। ऐसे में सीएससी संचालकों की लापरवाही के कारण ही अधिकांश बुजुर्गों की परेशानी बढ़ी है। यदि पीपीपी में सही जानकारी अंकित होती तो शायद ऐसा न होता। अब जब पेंशन रुक गई, तब भी इन लाचार बुजुर्गों के सिर खूब चांदी कूटी जा रही है। अपडेट करने के नाम पर मनमाने पैसे लिए जा रहे हैं।

इतना ही नहीं, उनको अपडेट करवाने के साथ-साथ समाज कल्याण विभाग का रास्ता भी दिखाया जा रहा है, जिसके बुजुर्ग कार्यालय का चक्कर लगा लगा कर थक रहे हैं लेकिन वहां से भी उन्हें वापस भेजा जा रहा है ऐसे में इन बुजुर्गों की परेशानी एक बड़ा कारण बनी हुई है |

उसके बाद इन बुजुर्गों की आवाज पार्षद द्वारा उठाई गई तो विभाग ने सीधे तौर पर स्पष्ट कर दिया है की विधवा पेंशन के अंतर्गत जिन लाभार्थियों के परिवार पहचान पत्र में उनके पति का नाम दर्ज होने के कारण पेंशन रोक ली गई है, ऐसे लाभार्थी सीएससी या अटल सेवा केंद्र पर जाकर अपने परिवार पहचान पत्र में अपने स्पाउस के नाम की व अपने मैरिटल स्टेट्स में विधवा लिखवा लें। पीपीपी में दुरुस्ती के बाद उनकी पेंशन पुन: आरंभ हो जाएगी।
इसी प्रकार, जिन लाभार्थियों की पति पत्नि की आय परिवा पहचान पत्र में दो लाख रुपये से अधिक होने के कारण पेंशन रोकी गई है, वह आय का ब्यौरा ठीक करवा लें। पीपीपी में उनकी आय दो लाख रुपये से कम होने उपरांत पेंशन शुरू हो जाएगी। जो लाभार्थी पेंशनभोगी मतलब किसी विभाग से सेवानिवृत नहीं हैं, वह भी अपने पीपीपी में दुरुस्त करवा लें।